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Prayagraj News: 85 की उम्र में श्यामलाल 80 किलोमीटर पैदल सफर कर करते हैं जलाभिषेक
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प्रयागराज-वाराणसी हाईवे और झूंसी जौनपुर मार्ग पर इन दिनों बाबा भोलेनाथ के प्रति उनके विशेष भक्त कांवड़ियों की आस्था उफान पर है। आस्था इस कदर कि उसके आड़े उम्र नहीं आ रही है। प्रयागराज-वाराणसी हाईवे और जौनपुर मार्ग पर आपको 12 साल से लेकर 85 साल तक के कांवड़िये नजर आ जाएंगे।
इन्हीं में से एक हैं जौनपुर के बाबा भोलेनाथ के 85 वर्षीय भक्त श्यामलाल। पिछले दो दशक से वह आस्था के पर्व सावन महीने में बाबा भोलेनाथ को जल चढ़ा रहे हैं। अब जबकि उनकी उम्र 85 साल से ऊपर हो चुकी है। मंगलवार की शाम को वह अपने नाती के साथ दारागंज घाट से कांवड़ में जल लेने के लिए पहुंचे थे। वहां से वह पैदल ही शास्त्री पुल और झूंसी होते हुए तकरीबन 80 किलोमीटर दूर बादशाहपुर-जौनपुर से आगे सुजानगंज स्थित गौरीशंकर मंदिर में जल चढ़ाने को पैदल ही आगे बढ़ते जा रहे थे। इस दौरान उनकी जुबान पर बस एक ही लाइन थी कि बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है। बोले कि तकरीबन दो दशक से वह बाबा भोलेनाथ के सुजानगंज स्थित गौरीशंकर मंदिर में जल चढ़ा रहे हैं।
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इन्हीं में से एक हैं जौनपुर के बाबा भोलेनाथ के 85 वर्षीय भक्त श्यामलाल। पिछले दो दशक से वह आस्था के पर्व सावन महीने में बाबा भोलेनाथ को जल चढ़ा रहे हैं। अब जबकि उनकी उम्र 85 साल से ऊपर हो चुकी है। मंगलवार की शाम को वह अपने नाती के साथ दारागंज घाट से कांवड़ में जल लेने के लिए पहुंचे थे। वहां से वह पैदल ही शास्त्री पुल और झूंसी होते हुए तकरीबन 80 किलोमीटर दूर बादशाहपुर-जौनपुर से आगे सुजानगंज स्थित गौरीशंकर मंदिर में जल चढ़ाने को पैदल ही आगे बढ़ते जा रहे थे। इस दौरान उनकी जुबान पर बस एक ही लाइन थी कि बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है। बोले कि तकरीबन दो दशक से वह बाबा भोलेनाथ के सुजानगंज स्थित गौरीशंकर मंदिर में जल चढ़ा रहे हैं।
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