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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   At private schools , please , do not ask the government to

निजी स्कूलों पर मेहरबानी, सरकारी की पूछ नहीं

Sun, 21 Feb 2016 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद Updated Sun, 21 Feb 2016 11:47 PM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनाने में बड़े पैमाने पर अनियमितता की गई है। जीआईसी, जीजीआईसी एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय में जहां बच्चों को बैठने और परीक्षा के लिए पूरे संसाधन मौजूद हैं उन्हें परीक्षा केंद्र न बनाकर ऐसे वित्त विहीन विद्यालयों को केंद्र बना दिया गया जहां आधारभूत सुविधा भी नहीं है। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कुछ गिने-चुने कमरों में छात्र-छात्राएं परीक्षा देते मिले, जबकि वित्तविहीन विद्यालयों में सभी कमरों में परीक्षार्थी मिले। प्रदेश में बड़ी संख्या में केंद्रों पर परीक्षार्थी जमीन पर चटाई पर बैठकर परीक्षा देते भी मिले।

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परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में अब बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आ रही है। सरकारी विद्यालयों में सिर्फ चार-पांच कमरों में परीक्षा कराई जा रही है, जबकि निजी स्कूलों में मनमाने तरीके से आठ से नौ सौ परीक्षार्थियों का आवंटन किया गया है। जहां जितनी अधिक संख्या में परीक्षार्थी हैं, वहां उतना बड़ा खेल हो रहा है। यह हालत प्रदेश के तमामविद्यालयों में दिखाई पड़ रही है। अधिकारियों की ओर से सरकारी विद्यालयों को नकल के नाम पर डिबार करके उन्हें काली सूची में डालने केबाद मनमाने तरीके से निजी प्रबंधन वाले विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है। इस बात की शिकायत बोर्ड के सभापति से भी की गई है। परीक्षा के दौरान पता चला है कि गतवर्ष की परीक्षा में सचल दस्ते की ओर से पकड़े जाने के बाद भी वित्तविहीन विद्यालयों को परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने केंद्र बना दिया। परीक्षा केंद्र बनाए गए इन केंद्रों पर मूलभृत सुविधाओं का अभाव है।

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