मुश्किलें बढ़ीं : डॉ. विक्रम मामले में राजभवन ने इविवि प्रशासन को पत्र जारी कर दिया कार्रवाई का निर्देश
मामला यह है कि डॉ. विक्रम ने अक्तूबर 2019 में एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में विवि प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान उठाया था। उन्होंने विवि के शिक्षकों पर जाति के आधार पर छात्रों को अंक देने का सनसनीखेज आरोप लगाया था।
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इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग में तैनात डॉ. विक्रम का मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। एक छात्रनेता की शिकायत पर राजभवन ने इविवि कुलपति को निर्देश दिया है कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। ऐसे में डॉ. विक्रम की मुश्किलें बढ़ सकती है।
दरअसल, मामला यह है कि डॉ. विक्रम ने अक्तूबर 2019 में एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में विवि प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान उठाया था। उन्होंने विवि के शिक्षकों पर जाति के आधार पर छात्रों को अंक देने का सनसनीखेज आरोप लगाया था। इस मामले में विवि प्रशासन ने डॉ. विक्रम को नोटिस देकर साक्ष्य के साथ जवाब मांगा था।
इस पर डॉ. विक्रम राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग चले गए। आयोग ने इविवि प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। आयोग ने दोबारा विवि प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। इसी दौरान छात्रनेता अभिषेक द्विवेदी ने राज्यपाल को पत्र लिखकर मामले की शिकायत की।
इविवि में जातीय भेदभाव उत्पन्न करने का आरोप
उनका आरोप था कि डॉ. विक्रम को दी गई नोटिस के खिलाफ विरोध की आड़ में तमाम राजनीतिक संगठन इविवि में जातीय भेदभाव उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। इस विरोध प्रर्दशन की आड़ में एक विशेष जाति का विरोध कर रहे हैं। इससे विवि का माहौल बिगड़ सकता है।
उन्होंने इस मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की थी। इस शिकायत पत्र पर राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी ने कुलपति को पत्र लिखकर मामले की अपने स्तर से जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।