यूपी : अपने बाप अतीक, चाचा अशरफ से भी आगे निकला असद, ढाई लाख का इनाम घोषित होने के बाद बना यूपी का मोस्टवांटेड
असद से पहले उसके परिवार में अतीक अहमद, चाचा खालिद अजीम उर्फ़ अशरफ बड़ा भाई उमर और दूसरे नंबर का भाई अली अहमद पर इनामी घोषित किए जा चुके हैं। उमेश पाल हत्याकांड से पहले तक इनमें सबसे बड़ा इनामी असद का चाचा और माफिया अतीक अहमद का भाई अशरफ था।
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उमेश पाल व उसके दो गनर की हत्या में जिस असद अहमद की पूरे सूबे की पुलिस को तलाश है, वह जरायम की दुनिया में अपने अब्बा अतीक अहमद और चाचा पूर्व विधायक अशरफ से भी आगे निकल गया है। यही नहीं उसने अपने दो बड़े भाइयों को भी पीछे छोड़ दिया है। सिर पर ढाई लाख का इनाम घोषित होने के बाद वह अपने परिवार में सबसे कुख्यात अपराधी बन गया है। रविवार को इनाम की राशि बढ़ाए जाने के बाद उसका नाम यूपी पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में भी दर्ज हो गया है।
असद से पहले उसके परिवार में अतीक अहमद, चाचा खालिद अजीम उर्फ़ अशरफ बड़ा भाई उमर और दूसरे नंबर का भाई अली अहमद इनामी घोषित किए जा चुके हैं। उमेश पाल हत्याकांड से पहले तक इनमें सबसे बड़ा इनामी असद का चाचा और माफिया अतीक अहमद का भाई अशरफ था।
राजू पाल हत्याकांड की जांच में जुटी सीबीआई ने उसके खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी कराया था और इसके बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था। इसके बाद उसके खिलाफ एक लाख का इनाम घोषित किया गया था। तीन जुलाई 2020 को नाटकीय ढंग से पुलिस ने उसे कौशाम्बी के हटवा स्थित उसकी ससुराल से गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि चर्चा यही रही थी कि एनकाउंटर के डर से उसने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था।
बड़े भाई पर सीबीआई ने घोषित किया था दो लाख का इनाम
फरवरी 2020 में सीबीआई ने असद के सबसे बड़े भाई मोहम्मद उमर पर दो लाख का इनाम घोषित किया था। उमर लखनऊ के प्रॉपर्टी डीलर मोहित जायसवाल को अगवा कर देवरिया जेल में ले जाकर पीटने के मामले में अपने पिता व उसके अन्य गुर्गों संग नामजद था और दिसंबर 2018 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रहा था। लंबे समय तक तलाश करने के बाद भी पता न चलने पर सीबीआई ने उस पर दो लाख का इनाम घोषित किया था। जिसके बाद पिछले साल अगस्त में उमर ने सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
50 हजार का इनामी बनाया गया था अली
इससे पहले असद का दूसरे नंबर का भाई अली अहमद भी इनामी घोषित किया जा चुका है। प्रॉपर्टी डीलर जीशान अहमद उर्फ जानू पर जानलेवा हमले और पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में दिसंबर 2021 में उसके खिलाफ करेली थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद से ही अली लगातार फरार चल रहा था। इस पर उसके खिलाफ पहले 25 हजार और फिर आईजी रेंज प्रयागराज ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था। पिछले साल 30 जुलाई को पुलिस को चकमा देकर अली ने इसी मामले में कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।