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असद अहमद : ख्वाब विदेश में पढ़ाई का, बन गया मोस्टवांटेड, पासपोर्ट नहीं बन पाने से लखनऊ में लेना पड़ा था दाखिला
Fri, 14 Apr 2023 04:52 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 14 Apr 2023 04:52 AM IST
सार
एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया माफिया अतीक अहमद का बेटा असद कभी विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना देखा करता था। उसने दूसरे देशों की यूनिवर्सिटी में आवेदन किया था और उसके आवेदन को मंजूर भी कर लिया गया था।
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असद अहमद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया माफिया अतीक अहमद का बेटा असद कभी विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना देखा करता था। उसने दूसरे देशों की यूनिवर्सिटी में आवेदन किया था और उसके आवेदन को मंजूर भी कर लिया गया था। हालांकि पासपोर्ट नहीं बन पाने के चलते उसकी यह ख्वाहिश अधूरी रह गई और बाद में वह मोस्ट वांटेड बन गया।
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असद ने 12वीं तक की पढ़ाई शहर के एक नामचीन अंग्रेजी माध्यम के स्कूल से की। 12वीं पास करने से पहले ही वह विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना देखने लगा था। यह बात उसने अपनी मां शाइस्ता को बताई तो वह इसके लिए तैयार भी हो गई थी। इंटर की परीक्षा 85 प्रतिशत अंकों के साथ पिछले साल उत्तीर्ण करने के बाद उसने विदेश की कई यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए आवेदन भी किया। इसमें बर्मिंघम समेत सात यूनिवर्सिटी शामिल थीं।
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हालांकि पासपोर्ट न बन पाने की वजह से उसका यह ख्वाब पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद उसने लखनऊ में रहकर स्नातक की पढ़ाई शुरू की थी। उसे इस बार स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा में शामिल होना था। लेकिन इसके पहले ही उसे जरायम की दुनिया भाने लगी।
बाहुबली बनना चाहता था असद
सूत्रों का कहना है कि पिता-चाचा के रुतबे को देखते हुए असद उनके नक्शेकदम पर चलने लगा था। वह बाहुबली बनना चाहता था और अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अक्सर ऐसे ही पोस्ट करता था। वह अक्सर लग्जरी गाड़ियों के काफिले में चलता था।
बाहुबली बनना चाहता था असद
सूत्रों का कहना है कि पिता-चाचा के रुतबे को देखते हुए असद उनके नक्शेकदम पर चलने लगा था। वह बाहुबली बनना चाहता था और अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अक्सर ऐसे ही पोस्ट करता था। वह अक्सर लग्जरी गाड़ियों के काफिले में चलता था।