फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   AQI Prayagraj: Jhunsi area is the most polluted, Civil Lines is at second place.

AQI Prayagraj : सबसे ज्यादा प्रदूषित हुआ झूंसी इलाका, दूसरे नंबर पर सिविल लाइंस

Mon, 27 Nov 2023 12:25 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 27 Nov 2023 12:25 PM IST
सार

संगमनगरी प्रयागराज के प्रमुख तीन स्थानों की बात करें तो शनिवार को इनमें से एक पुअर जोन में था। वहां सबसे ज्यादा सूक्ष्म कण और धूल की मार थी। रविवार को भी स्थिति बदली नहीं है। रविवार को सबसे ज्याद प्रदूषित क्षेत्र फिर से झूंसी रहा।

विज्ञापन
AQI Prayagraj: Jhunsi area is the most polluted, Civil Lines is at second place.
धुंध। सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अब दीपावली की आतिशबाजी गुजरे 14 दिन हो चुके हैं। पटाखों से निकला धुआं पूरी तरह खत्म हो चुका है। फिर भी शहर के सभी प्रमुख इलाकों की हवा प्रदूषित बनी हुई है। रविवार को सबसे ज्यादा प्रदूषित क्षेत्र झूंसी रहा। यहां का एक्यूआई 300 के पार रहा। दूसरे स्थान पर सिविल लाइंस और तीसरे नंबर पर तेलियरगंज का इलाका रहा। इसकी सबसे बड़ी वजह निर्माण स्थलों पर उड़ने वाली धूल बनी है। इसके अलावा सफाई के गलत तरीके, गुपचुप कोयला-लकड़ी जलाना और वाहनों से निकलने वाला कार्बन मोनो आक्साइड से भी वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।

विज्ञापन


संगमनगरी प्रयागराज के प्रमुख तीन स्थानों की बात करें तो शनिवार को इनमें से एक पुअर जोन में था। वहां सबसे ज्यादा सूक्ष्म कण और धूल की मार थी। रविवार को भी स्थिति बदली नहीं है। रविवार को सबसे ज्याद प्रदूषित क्षेत्र फिर से झूंसी रहा। यहां का एक्यूआई शाम छह बजे 332 दर्ज किया गया जो कि पूअर जाने में आता है। इसके बाद सिविल लाइंस एरिया रहा। यहां का एक्यूआई 296 दर्ज किया गया। इससे दो प्वाइंट नीचे एक्यआई तेलियरगंज का 294 दर्ज किया गया। यहां की हवाएं माडरेट जोन में रहीं। यहां पर मानकों से कई गुना ज्यादा धूल और सूक्ष्म कणों की मौजूदगी रही। साथ में वाहनों से निकलने वाला कार्बन मोनो आक्साइड भी प्रमुख रूप से है।
विज्ञापन


यह इतना है कि सड़कों पर निकलने के कुछ ही मिनट बाद आखें जलने लगती हैं। लोग खांसने लगते हैं। इसके पीछे सरकारी निर्माण सबसे आगे हैं। जल निगम, पीडब्लूडी, रेलवे, और नगर निगम जैसे विभाग मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। इनके निर्माण साइटों के आसपास धूल कणों की अधिकता है। महाकुंभ को देखते हुए झूंसी इलाके में कई जगहों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं। इसकी वजह से यहां का एक्यूआई रोज बढ़ा हुआ दर्ज किया जा रहा है। बढ़ते प्रदूषण के पीछे खुदाई, टूटी सड़कें, गलत तरीके से होने वाली सफाई ही बड़ा कारण सामने आई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed