High Court : महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छह शिक्षकों की नियुक्ति अवैध, सेवा लाभ पर भी रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जौनपुर स्थित महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़े 2006 से लंबित मामले में छह सहायक अध्यापकों की नियुक्तियों को अवैध पाए जाने के बाद उनके सेवा लाभ पर रोक लगा दी है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जौनपुर स्थित महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़े 2006 से लंबित मामले में छह सहायक अध्यापकों की नियुक्तियों को अवैध पाए जाने के बाद उनके सेवा लाभ पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने दिया है।
महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और अन्य ने याचिका दायर कर प्रतिवादी शिक्षकों की नियुक्तियों को निरस्त कर वेतनमान पर रोक लगाने की मांग थी। साथ ही याची ने पहले से भुगतान की गई राशि वसूलने की भी मांग की थी।
कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादी संख्या सात से 12 की नियुक्तियों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पूर्व में जांच रिपोर्ट में भी इन नियुक्तियों को फर्जी बताते हुए कहा गया था कि संबंधित शिक्षकों की नियुक्ति के लिए स्वीकृत पद ही उपलब्ध नहीं थे। हालांकि, पुरानी जांच रिपोर्ट के रिकॉर्ड के गायब होने और संबंधित पक्षों की ओर से रिपोर्ट पर आपत्ति किए जाने के कारण कोर्ट ने नए सिरे से जांच के निर्देश दिए थे।
कोर्ट के निर्देश पर जांच के बाद पाया गया कि छह शिक्षकों की नियुक्तियां निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं हुई थीं। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन शिक्षकों को किसी भी प्रकार का सेवा लाभ न दिया जाए। क्योंकि, उनकी नियुक्तियां अवैध पाई गई हैं। कोर्ट ने आदेश की जानकारी सभी सक्षम अधिकारियों तक तत्काल पहुंचाने का आदेश दिया है।