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एपीओ भर्ती: बदला सवाल पूछने का ट्रेंड, चकराए अभ्यर्थी
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APO recruitment exam 2020 news
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आधे से अधिक अभ्यर्थियों ने छोड़ी एपीओ की प्रारंभिक परीक्षा
प्रदेश के 95 केंद्रों में हुई गई परीक्षा, 41 फीसदी रही उपस्थिति
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) भर्ती परीक्षा-2018 की प्रारंभिक परीक्षा के पेपर में भी सवाल पूछे जाने के ट्रेंड में बड़ा बदलाव किया है। रविवार को प्रयागराज और लखनऊ के 95 केंद्रों में आयोजित एपीओ-2018 की प्रारंभिक परीक्षा में प्रश्नपत्र सामने आते ही तमाम अभ्यर्थी चकरा गए। सवाल सीधे पूछने जाने के बजाय घुमाकर पूछे गए, जिसका जवाब देने में अभ्यर्थियों को मशक्कत करनी पड़ी।
एपीओ के 17 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में 45311 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 18784 अभ्यर्थी (41.46) उपस्थित रहे जबकि आधे से अधिक (26527) अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। पीसीएस-2019 की तरह एपीओ-2018 की प्रारंभिक परीक्षा में भी सवाल पूछे जाने के ट्रेंड में बदलाव दिखा। सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक दो घंटे की प्रारंभिक परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकार के 150 सवाल हल करने थे, जिनमें 50 सवाल सामान्य अध्ययन और 100 सवाल विधि से जुड़े थे।
पेपर में ज्यादातर सवाल ऐसे थे, जिनका जवाब सुमेलित करके देना था। ऐसे में अभ्यर्थियों को सवालों का जवाब देने में मशक्कत करनी पड़ी और पेपर हल करने के लिए जो समय मिला था, वह कम लगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि पेपर कठिन जरूर था लेकिन संतुलित था। सामान्य अध्ययन के पचास सवालों में तकरीबन सभी विषयों को शामिल किए जाने का प्रयास किया गया। वहीं, विधि के 100 सवालों में रेलवे और उत्तर प्रदेश सरकार से जुड़े प्रश्नों की संख्या अधिक रही।
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प्रदेश के 95 केंद्रों में हुई गई परीक्षा, 41 फीसदी रही उपस्थिति
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) भर्ती परीक्षा-2018 की प्रारंभिक परीक्षा के पेपर में भी सवाल पूछे जाने के ट्रेंड में बड़ा बदलाव किया है। रविवार को प्रयागराज और लखनऊ के 95 केंद्रों में आयोजित एपीओ-2018 की प्रारंभिक परीक्षा में प्रश्नपत्र सामने आते ही तमाम अभ्यर्थी चकरा गए। सवाल सीधे पूछने जाने के बजाय घुमाकर पूछे गए, जिसका जवाब देने में अभ्यर्थियों को मशक्कत करनी पड़ी।
एपीओ के 17 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में 45311 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 18784 अभ्यर्थी (41.46) उपस्थित रहे जबकि आधे से अधिक (26527) अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। पीसीएस-2019 की तरह एपीओ-2018 की प्रारंभिक परीक्षा में भी सवाल पूछे जाने के ट्रेंड में बदलाव दिखा। सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक दो घंटे की प्रारंभिक परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकार के 150 सवाल हल करने थे, जिनमें 50 सवाल सामान्य अध्ययन और 100 सवाल विधि से जुड़े थे।
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पेपर में ज्यादातर सवाल ऐसे थे, जिनका जवाब सुमेलित करके देना था। ऐसे में अभ्यर्थियों को सवालों का जवाब देने में मशक्कत करनी पड़ी और पेपर हल करने के लिए जो समय मिला था, वह कम लगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि पेपर कठिन जरूर था लेकिन संतुलित था। सामान्य अध्ययन के पचास सवालों में तकरीबन सभी विषयों को शामिल किए जाने का प्रयास किया गया। वहीं, विधि के 100 सवालों में रेलवे और उत्तर प्रदेश सरकार से जुड़े प्रश्नों की संख्या अधिक रही।
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