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High Court : तीन करोड़ रुपये गबन के मामले में तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को अग्रिम जमानत

Thu, 13 Jun 2024 11:30 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 13 Jun 2024 11:30 AM IST
सार

याची अधिवक्ता सुनील चौधरी ने न्यायालय को बताया विभागीय जांच में ईओडब्ल्यू ने स्वयं माना है कि शासकीय धन के गबन का आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। याची ने शासनादेश के अनुरूप मदरसा संचालकों के खाते में छात्रवृत्ति ट्रांसफर की है। वर्तमान में याची बागपत जिले की अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत है।

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Anticipatory bail to the then District Minority Welfare Officer in the embezzlement case of 3 crore
अदालत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वर्ष 2010-11 में मेरठ स्थित मदरसों में छात्रवृति के तीन करोड़ रुपये गबन के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। सरकार ने याची तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के खाते में तीन करोड़ रुपये भेजे थे, जिसे मदरसा प्रबंधकों के खाते में ट्रांसफर किया जाना था। उक्त मामले में पाई गई अनियमितताओं पर तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुमन गौतम और कार्यालय लिपिक संजय त्यागी समेत कई मदरसा संचालकों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में 98 मुकदमे मेरठ जिले में दर्ज किए गए थे ।

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याची के ऊपर आरोप है कि न्यू एचएम जूनियर हाईस्कूल रशीद नगर मेरठ में बच्चों को नगद छात्रवृति का वितरण कर नियमावली का उल्लंघन किया गया है। मामले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) मेरठ को सौंपी गई।

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याची अधिवक्ता सुनील चौधरी ने न्यायालय को बताया विभागीय जांच में ईओडब्ल्यू ने स्वयं माना है कि शासकीय धन के गबन का आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। याची ने शासनादेश के अनुरूप मदरसा संचालकों के खाते में छात्रवृत्ति ट्रांसफर की है। वर्तमान में याची बागपत जिले की अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत है ।

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प्रकरण में अपर शासकीय अधिवक्ता ने जवाब दाखिल किया है। कोर्ट ने याची को प्रति उत्तर दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह का समय देते हुए 50 हजार रुपये के निजी मुचलके व 2 प्रतिभूति दिए जाने की शर्तों के साथ अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी।

कोर्ट ने विवेचना अधिकारी को जल्द जांच पूरी करने का निर्देश दिया और याची को निर्देश दिया कि इस आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक, संबंधित को उपलब्ध कराए। संबंधितअधिकारी इस आदेश का अनुपालन कराएंगे। अगली सुनवाई की तारीख 5 अगस्त नियत की है।

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