{"_id":"69761eb663d50d01520f85d2","slug":"anand-sagar-tiwari-alias-bablu-tiwari-set-out-to-spread-the-message-of-sanatan-dharma-and-awaken-spiritual-con-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Magh Mela:सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और आध्यात्मिक चेतना की अलख जगाने निकले आनंद सागर तिवारी उर्फ बबलू तिवारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Magh Mela:सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और आध्यात्मिक चेतना की अलख जगाने निकले आनंद सागर तिवारी उर्फ बबलू तिवारी
Sun, 25 Jan 2026 07:16 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 25 Jan 2026 07:16 PM IST
सार
देवरिया जनपद के पिपरा शुक्ल निवासी आनंद सागर तिवारी उर्फ बबलू तिवारी ने अपने जीवन की दिशा को एक नई आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान करते हुए सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया है।
विज्ञापन
आनंद सागर तिवारी उर्फ बबलू तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
देवरिया जनपद के पिपरा शुक्ल निवासी आनंद सागर तिवारी उर्फ बबलू तिवारी ने अपने जीवन की दिशा को एक नई आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान करते हुए सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया है। सांसारिक वैभव और भौतिक उपलब्धियों से ऊपर उठकर वे अब अध्यात्म के पथ पर अग्रसर हो चुके हैं। माघ मेले के पावन अवसर पर खाक चौक, सेक्टर–चार, महावीर मार्ग पर शिविर स्थापित कर वे प्रतिदिन हवन, पूजन और यज्ञ का आयोजन कर रहे हैं। मां कामाख्या ज्योतिष पीठम ट्रस्ट के तत्वावधान में चल रहे इन शिविरों के माध्यम से वे मेला क्षेत्र में स्थापित अन्य शिविरों तक पहुंचकर सनातन धर्म की चेतना और आध्यात्मिक जागरण का संदेश प्रसारित कर रहे हैं।
विज्ञापन
भाटपार रानी विधानसभा तथा देवरिया–कुशीनगर क्षेत्र से विधान परिषद का चुनाव लड़ चुके समाजसेवी एवं उद्योगपति बबलू तिवारी के जीवन में आए इस अप्रत्याशित आध्यात्मिक परिवर्तन ने लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है। करोड़ों के कारोबार और सामाजिक–राजनीतिक व्यस्तताओं से भरा जीवन छोड़कर उनका इस प्रकार अध्यात्म की ओर मुड़ जाना, एक गहरे आंतरिक परिवर्तन की ओर संकेत करता है।
विज्ञापन
संगम की पावन रेती पर स्नान हेतु पहुंचे बबलू तिवारी के मन में यह भाव स्वतः जागृत हुआ। वे बताते हैं कि वे संगम स्नान के उद्देश्य से आए थे, किंतु उसी क्षण अंतर्मन में एक दिव्य प्रेरणा का संचार हुआ। उसी क्षण उन्होंने यह निश्चय किया कि अब जीवन की शेष ऊर्जा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और आध्यात्मिक सेवा में समर्पित करेंगे। उनका यह कदम न केवल व्यक्तिगत साधना का प्रतीक है, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने की एक प्रेरक मिसाल भी बन रहा है।
विज्ञापन