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एंबुलेंस हड़ताल : निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचे मरीज

Sat, 31 Jul 2021 12:25 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 31 Jul 2021 12:25 AM IST
सार

  • कर्मचारियों के आंदोलन के कारण पांचवें दिन भी पटरी पर नहीं लौटी एंबुलेंस सेवा
  • जीवीके कंपनी के अधिकारियों का दावा, काम पर लौट आए हैं 50 फीसदी से अधिक कर्मचारी

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Ambulance strike: Patients reached hospital by private vehicles
prayagraj news : हड़ताल के चलते खड़ीं एम्बुलेंस। - फोटो : prayagraj

विस्तार

108 और 102 नंबर एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों के लगातार हड़ताल पर रहने से शुक्रवार को पांचवें दिन भी स्वास्थ्य सेवा पटरी से उतरी रही। बहुत से मरीज हेल्पलाइन पर फोन करने के बजाय निजी वाहनों से सीधे अस्पताल पहुंचे। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, कॉल्विन अस्पताल में इमरजेंसी में पहुंचने वाले 50 फीसदी से अधिक मरीज निजी वाहन से ही आए। उधर, जीवीके कंपनी के अधिकारी एंबुलेंस के संचालन के लिए दिन भर लगे रहे। दोपहर बाद कुछ निजी चालकों के जरिए एंबुलेंस चलवाई गईं। 
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एसीएमओ डॉ. एके कनौजिया ने बताया कि एलएसए (लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस) को छोड़कर 102 और 108 नंबर की कुछ एंबुलेंस का संचालन शुरू कर दिया गया है। कंपनी नए चालकों और ईएमटी की भर्ती भी करने जा रही है। शनिवार से भर्ती शुरू हो जाएगी। जीवीके कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि जिले में एंबुलेंस सेवाओं के निर्बाध संचालन के लिए बड़ी संख्या में अस्थायी रूप से चालकों की तैनाती की गई है।
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इन चालकों के जरिए शुक्रवार को कुछ एंबुलेंसों का संचालन भी कराया गया। कंपनी के अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि शुक्रवार को 50 फीसदी कर्मचारी काम पर लौट आए। जो कर्मचारी अभी हड़ताल पर हैं, उन्हें 31 जुलाई की रात 12 बजे तक काम पर लौटने का मौका दिया गया है। अगर वे काम पर लौट आते हैं तो उन्हें रख लिया जाएगा अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बीच एंबुलेंस सेवा के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को लखनऊ में किए गए प्रदर्शन में शामिल हुए। कर्मचारी स्वयं को एनएचएम में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। 
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हेल्पलाइन हुई हेल्पलेस
एंबुलेंस चालकों, ईएमटी कर्मचारियों के आंदोलन के कारण मरीज ई रिक्शा, विक्रम सहित अन्य गाड़ियों से अस्पताल पहुंच रहे हैं। ई रिक्शा से डफरिन अस्पताल पहुंचीं झलवा इलाके की गर्भवती महिला अर्चना ने बताया कि उन्होंने हेल्पलाइन के 102 नंबर पर कॉल की थी, लेकिन उसे कोई उत्तर नहीं मिला। इसलिए उनको ई रिक्शा से अस्पताल आना पड़ा। इसी तरह, राजरूपपुर से आईं गर्भवती महिला हिमानी ने बताया कि उन्होंने भी डफरिन आने के लिए 102 नंबर पर फोन किया, लेकिन कोई रिस्पांस न मिलने से वह किराए के वाहन से डफरिन पहुंचीं। यही हाल स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, कॉल्विन पहुंचने वाले मरीजों का भी रहा।
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