वीके सिंह को प्रत्याशी बनाने के साथ ही जीत की पटकथा लिख गए थे डिप्टी सीएम
- गोरखपुर में भाजपा प्रत्याशी के निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद से ही प्रयागराज में डिप्टी सीएम की प्रतिष्ठा से जुड़ गया था पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव
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डा. वीके सिंह के जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने की पटकथा पिछले माह 20 जून को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने ही लिख दी थी। उन्हें पार्टी का प्रत्याशी घोषित करने के बाद ही केशव ने अपनी करीबी नेताओं को डा. वीके सिंह के साथ लगा दिया। इस दौरान हर पंचायत सदस्यों से संपर्क करने के साथ ही उन्हें अपने पाले में करने के लिए केशव के करीबी नेता पूरी शिद्दत से जुट गए। यही वजह रही कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी भाजपा के खाते में आ गई।
पिछले कुछ दिनों प्रदेश की राजनीति में सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आपसी रिश्ते को लेकर तमाम तरह की खबरें आई। इस बीच गोरखपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा प्रत्याशी का निर्विरोध निर्वाचित हो जाना प्रयागराज में पार्टी नेताओं के लिए चुनौती बन गया है। डिप्टी सीएम के करीबी नेताओं ने प्रयागराज में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को केशव की प्रतिष्ठा से जोड़ दिया। क्योंकि पार्टी नेता इस बात से भलीभांति वाकिफ थे कि अगर प्रयागराज में भाजपा हारी तो यहां हार का ठीकरा केशव मौर्य पर ही फोड़ दिया जाएगा।
इसी वजह से 20 जून के बाद से ही प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य, सांसद केशरी देवी पटेल, विधायक विक्रमाजीत मौर्य, दीपक पटेल, गुरु प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में चुनाव जीतने की लगातार रणनीति बनाने में जुट गए। डिप्टी सीएम को भी हर रोज यहां से रिपोर्ट भेजी जाती रही। इस दौरान एक खास रणनीति के तहत सबसे पहले रेखा सिंह जो इस बार भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदार मानी जा रही थी, उनसे पार्टी नेताओं ने वार्ता की। चर्चा है कि डिप्टी सीएम से भी रेखा सिंह के पति अशोक सिंह की फोन पर वार्ता हुई।