जिला पंचायत सदस्यों के शरीर पर चिप लगाने का आरोप, भड़के सपाइयों ने किया हंगामा, प्रेक्षक से शिकायत
सपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए शनिवार को हुए मतदान में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। पुनर्मतदान की मांग करते हुए कार्यकर्ताओं ने मेयोहाल चौराहा तथा कलक्ट्रेट के पास स्थित आनंद अस्पताल चौराहे पर धरना दिया। नेताओं ने निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक से भी इसकी शिकायत की। सपा की ओर से चुनाव में गड़बड़ी की लगातार आशंका जताई जाती रही। शनिवार को भी उन्होंने गड़बड़ी की शिकायत की। धरने पर बैठे एमएलसी डॉ.मान सिंह का कहना था कि भाजपा ने कई जिला पंचायत सदस्यों के शरीर पर चिप लगा दिए थे। ताकि, यह पता चल जाए कि सदस्यों ने किसके पक्ष में मतदान किया। उन्होंने निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक अनिल कुमार से भी इसकी शिकायत की। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पूर्व प्रदेश प्रवक्ता केके श्रीवास्तव ने भी प्रेक्षक से शिकायत की। पुलिस ने बल प्रयोग कर कार्यकर्ताओं का हटाया। वहीं प्रेक्षक और डीएम ने इन शिकायतों को निराधार बताया।
‘मतदान और मतगणना के दौरान मैं भीतर (मतदान स्थल) मौजूद थी। भाजपा प्रत्याशी के इशारे पर मतदान में गड़बड़ी की जा रही थी। मैंने अफसरों से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बहुत से मतदाताओं के मास्क में डिवाइस लगाई गई थी, जिससे निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव संभव नहीं है। यह चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। भाजपा ने धन, बल, छल का इस्तेमाल किया। उसके 14 सदस्य ही निर्वाचित हुए थे, फिर भी 51 वोट मिले। इसकी जांच होनी चाहिए।’ -मालती यादव, प्रत्याशी-सपा समर्थित
अलग-अलग समूह में दिन भर डटे रहे दोनों दल के नेता-कार्यकर्ता
मेयोहाल, आनंद अस्पताल चौराहा, मनमोहन पार्क समेत अनेक स्थलों पर रहा गहमागहमी का माहौलप्रयागराज। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में मतदान और मतगणना के दौरान पंचायत भवन एवं आसपास के क्षेत्रों में गहमागहमी का माहौल रहा। सपा और भाजपा के कार्यकर्ता जगह-जगह समूह में दिन भर डटे रहे। दोनों दल के कार्यकर्ता अलग-अलग स्थानों पर एकत्रित थे। इस दौरान तनाव भी बना रहा।
मतदान दिन में 11 बजे शुरू हुआ लेकिन कार्यकर्ताओं का जमावड़ा सुबह ही शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता मेयोहाल के पास स्थित गेस्ट हाउस में एकत्रित हुए। वहीं कई वरिष्ठ नेता तथा जिला पंचायत सदस्य सांसद केशरी देवी पटेल के आवास पर मौजूद रहे। इसके विपरीत सपा नेता और कार्यकर्ता आनंद अस्पताल एवं मेयोहाल चौराहे के पास डटे रहे। इस दौरान राज्यसभा सदस्य रेवती रमण सिंह, विधायक उज्जवल रमण सिंह, एमएलसी डॉ.मान सिंह यादव, जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव, सै.इफ्तेखार हुसैन, सै.मो.अस्करी समेत अनेक नेता मौजदू रहे। हालांकि मनमोहन पार्क, आनंद अस्पताल एवं मेयोहाल चौराहे के पास बेरिकेडिंग की गई थी। बेरिकेडिंग के आगे जिला पंचायत सदस्यों के अलावा चुनिंदा नेताओं को ही प्रवेश दिया गया।
बस और जन प्रतिनिधियों के वाहनों में पहुंचे सदस्य
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सदस्यों को बूथ तक पहुंचाने के लिए भाजपा और सपा की ओर से खास रणनीति बनाई गई थी। विपक्षी खेमे के संपर्क में न आने पाए इसलिए नेताओं की सदस्यों पर लगातार नजर बनी रही। उन्हें बस और एवं वरिष्ठ नेताओं के वाहनों में कलक्ट्रेट तक लाया गया। इतना ही नहीं वोट देने के लिए भी वे नेताओं की अगुवाई में पंचायत भवन तक पहुंचे।भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य सांसद केशरी देवी पटेल के आवास पर एकत्रित हुए। उन्हें लाने की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई थी। इसके बाद 10-12 सदस्यों ने समूह में जाकर मतदान में हिस्सा लिया। पूर्व जिलाध्यक्ष रेखा सिंह के साथ 12 अन्य सदस्य जिला पंचायत भवन में प्रवेश किए। वहीं सपा की ओर से सदस्यों को पहले आनंद अस्पताल चौराहे पर लाया गया।
विधायक उज्जवल रमण सिंह की अगुवाई में करीब तीन दर्जन सदस्य बस से पहुंचे। वहीं राज्यसभा सदस्य के साथ ही भी तीन सदस्य जिला पंचायत मुख्यालय तक पहुंचे। एमएलसी डॉ.मान सिंह, रामवृक्ष यादव, जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव, महानगर अध्यक्ष सै.इफ्तेखार हुसैन 37 सदस्यों को लेकर मतदान के लिए पहुंचे। पंचायत भवन परिसर में प्रवेश करने तक चारों नेता गेट पर मौजूद रहे। हालांकि, सभी सदस्यों ने सपा समर्थित मालती यादव को वोट नहीं दिए।