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Prayagraj : मुसीबत में इलाहाबादी अमरूद, ठंड में भी पड़ रहे कीड़े, महंगा पड़ रहा अमरूद

Sat, 06 Dec 2025 02:49 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 06 Dec 2025 02:49 PM IST
सार

इलाहाबादी अमरूद पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। बड़ी मात्रा में यह प्रयागराज से निर्यात भी किया जाता है, लेकिन इस वर्ष यह मुसीबत में है। अमरूदों में कीड़े लगने की समस्या प्रचंड रूप से है।

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Allahabadi guava in trouble, insects attacking even in cold, guava becoming expensive
अमरूद। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

इलाहाबादी अमरूद पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। बड़ी मात्रा में यह प्रयागराज से निर्यात भी किया जाता है, लेकिन इस वर्ष यह मुसीबत में है। अमरूदों में कीड़े लगने की समस्या प्रचंड रूप से है। फलमक्खी (बेस्ट्रोसेरा प्रजाति की मक्खी) नाम का कीड़ा पहले बारिश के दिनों में ही अमरूद को प्रभावित करता था, लेकिन अब ठंड के दिनों में भी सक्रिय रहकर अमरूद को खराब कर रहा है। ठंड के इन दिनों में कीड़े के चलते ही लोगों को अमरूद खरीदना महंगा पड़ा रहा। अगर कोई एक किलोग्राम अमरूद खरीद रहा है तो 300 ग्राम में कीड़े के कारण खराब होने की आशंका रहती है।

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इस साल ठंड के शुरुआती दिनों में बाजार में कीड़े लगे हुए अमरूद बड़ी मात्रा में पहुंचे, लेकिन 20 नवंबर के बाद ठीक अमरूदों की ठीक खेप आई है। -मोनू सोनकर, अमरूद विक्रेता
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इस साल अमरूदों की जो शुरुआती खेप अमरूदों की आई, उसमें बड़ी मात्रा में कीड़े थे। लेकिन, अब हम उन्हीं अमरूदों की बिक्री कर रहे हैं, जिसमें कीड़े बिल्कुल नहीं हैं। -बबलू सोनकर, अमरूद विक्रेता
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अमरूदों में कीड़े की वजह से बाजारों में कम अमरूद ही पहुंच पा रहे हैं। इससे दाम काफी ज्यादा हैं। परिवार में सभी अमरुद पसंद करते हैं। - ऋत्विज सिंह, निवासी- सिविल लाइंस

फल मक्खी कीट अमरूद को नुकसान पहुंचाते हैं। बारिश में लगने वाले कीड़े ठंड में भी अमरूद को प्रभावित कर रहे हैं। फेरोमोन ट्रैप के जरिए कीड़े अमरुद तक पहुंचने से रोके जा सकते हैं। खुसरो बाग स्थित औद्योगिक प्रयोग और प्रशिक्षण केंद्र में इसका प्रयोग किया जा रहा है। लेकिन, इसको लेकर किसानों में जागरुकता नहीं होने की वजह से उनके अमरूद तक कीड़ों की पहुंच हो जाती है। - विजय किशोर सिंह, प्रभारी-उद्यान, राजकीय उद्यान, खुसरोबाग, प्रयागराज

अमरूदों को कीड़े से बचाने के लिए बैगिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाता है। पेड़ों पर बैग लग जाने से अमरूदों को कीड़ों से बचाया जा सकता है। - डॉ. केके श्रीवास्तव, प्रधान वैज्ञानिक, केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ

साल 2025-26 के दौरान प्रयागराज में 1500 हेक्टेयर में 29250 मिट्रिक टन अमरूदों का उत्पादन हो रहा है। क्लाइमेट चेंज की वजह से ठंड के इन दिनों में भी अमरूदों में कीड़े लग रहे हैं। - सौरभ श्रीवास्तव, जिला उद्यान अधिकारी

करीब तीन साल पहले अमरूदों को बचाने के लिए चला था अभियान

खुसरोबाग स्थित राजकीय उद्यान के प्रभारी-उद्यान विजय किशोर सिंह ने बताया कि पेड़ पर लगे रहने के दौरान से ही अमरूदों में कीड़े लगने की समस्या पिछले कुछ साल के दौरान तेजी से बढ़ी है। करीब तीन साल पहले इलाहाबादी अमरूदों का उत्पादन कम होने और उनमें कीड़े लगने की समस्या के चलते अमर उजाला की ओर से अभियान चलाया गया था। इसके बाद तत्कालीन मंडलायुक्त संजय गोयल ने देशभर से वैज्ञानिकों को बुलाया था। उत्पादन बढ़ाने और कीड़ों से बचाने की तकनीक अपनाई गई। साथ ही बागवानी करने वाले कई लोगों को प्रशिक्षित भी किया गया था।

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