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इलाहाबाद विवि के कुलपति हांगलू का इस्तीफा राष्ट्रपति ने किया मंजूर, जांच कमेटी गठित
Fri, 03 Jan 2020 10:44 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 03 Jan 2020 10:44 PM IST
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Prof. Rattan Lal Hangloo (File Photo)
- फोटो : Facebook
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू का इस्तीफा राष्ट्रपति ने मंजूर कर लिया है। साथ ही प्रो. हांगलू पर लगे वित्तीय और प्रशासनिक नियमितता के आरोपों की जांच के आदेश भी दिए हैं। जांच के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय का विजिटर होने के नाते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तत्काल प्रभाव से प्रो. हांगलू का इस्तीफा मंजूर करते हुए हांगलू के खिलाफ लगाए गए वित्तीय, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों की जांच कराने का आदेश भी दिया है। जांच के दायरे में राष्ट्रीय महिला आयोग की अंतरिम रिपोर्ट में उल्लिखित सिफारिशें भी शामिल हैं। यानी जांच के दायरे में सिर्फ हांगलू ही नहीं, बल्कि उनके कार्यकाल में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे वे शिक्षक भी आएंगे, जिन पर यौन शोषण और दूसरी अनियमितताओं के आरोप लगे।
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राष्ट्रीय महिला आयोग ने यौन यौन शोषण की शिकायतों का ठीक से निपटारा न करने और छात्राओं से दुर्व्यवहार पर कार्रवाई न करने को लेकर प्रो. हांगलू को समन भेजा था। 27 दिसंबर को हांगलू ने महिला आयोग में उपस्थिति होकर अपना पक्ष रखा था लेकिन, जवाब से असंतुष्ट आयोग ने हांगलू पर कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सिफारिश भेज दी थी। इसके बाद 31 दिसंबर को हांगलू ने अपना इस्तीफा मंत्रालय के उच्च शिक्षा सचिव को भेज दिया, जिसमें मंत्रालय ने स्वीकार करते हुए राष्ट्रपति को भेज दिया था। राष्ट्रपति भवन से मंजूरी मिलते ही मंत्रालय ने विश्वविद्यालय को कुलपति के पदमुक्त होने की सूचना भेज दी।
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स्थायी नियुक्ति तक वरिष्ठतम प्रोफेसर को जिम्मेदारी
राष्ट्रपति ने प्रो. हांगलू का इस्तीफा स्वीकार करते हुए यह आदेश भी दिए हैं कि नियमित कुलपति की नियुक्ति होने तक विश्वविद्यालय के वरिष्ठतम प्रोफेसर (दोनों में से जो पहले हो) कुलपति का कामकाज देखेंगे। इस आदेश के बाद इविवि में कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति की कवायद शुरू कर दी गई है।
प्रो. डीपी सिंह की कमेटी करेगी जांच
राष्ट्रपति के आदेश पर मंत्रालय ने यूजीसी चेयरमैन प्रो. डीपी सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। कमेटी हांगलू पर लगे आरोपों की जांच करके जल्द से जल्द रिपोर्ट देगी। कमेटी में प्रो. डीपी सिंह अध्यक्ष और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के कुलपति प्रो. श्री प्रकाशमणि त्रिपाठी और गुजरात सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति रमा शंकर दूबे हैं।
महिला आयोग की रिपोर्ट बनी आधार
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, प्रो. हांगलू का इस्तीफा राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट के आधार पर मंजूर हुआ था। आयोग ने लिखा था प्रो. हांगलू ने अपने खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति बनाकर जांच करवाकर खुद क्लीन चिट ले ली। यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच नहीं की गई। हांगलू केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हैं, इसलिए भी उनके खिलाफ जांच जारी रहेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर बाद में कार्रवाई भी होगी।