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Allahabad University :  ‘पूरब का ऑक्सफोर्ड’ लगातार चौथे साल टॉप 200 से बाहर

Fri, 15 Jul 2022 09:37 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 15 Jul 2022 09:37 PM IST
सार

एनआईआरएफ रैंकिंग वर्ष 2016 से शुरू हुई थी। इससे पहले निजी एजेंसियां शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग जारी करती थीं। 2016 की एनआईआरएफ रैंकिंग में इविवि ने ओवरऑल कैटेगरी में 68वां स्थान हासिल किया था और 2017 में इविवि को 95वां स्थान मिला था।

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Allahabad University: 'Oxford of the East' out of top 200 for the fourth consecutive year
prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय। - फोटो : prayagraj

विस्तार

नेशनल इंस्टीट्यूशन रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की ओर से शुक्रवार को जारी शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग में इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) को फिर झटका लगा। कभी ‘पूरब का आक्सफोर्ड’ कहलाने वाला इविवि लगातार चौथे साल देश के टॉप 200 उच्च शिक्षण संस्थानों की लिस्ट से बाहर है। वहीं, मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) और राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) ने शीर्ष 100 इंजीनियरिंग कॉलेजों की श्रेणी में टॉप 100 में तो जगह बना ली है, लेकिन पिछले साल के मुकाबले उनकी रैंकिंग गिरी है।

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एनआईआरएफ रैंकिंग वर्ष 2016 से शुरू हुई थी। इससे पहले निजी एजेंसियां शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग जारी करती थीं। 2016 की एनआईआरएफ रैंकिंग में इविवि ने ओवरऑल कैटेगरी में 68वां स्थान हासिल किया था और 2017 में इविवि को 95वां स्थान मिला था। 2018 की रैंकिंग में इविवि टॉप 100 से बाहर हो गया और 144वें स्थान से संतोष करना पड़ा। इसके बाद लगातार चार वर्षों से इविवि टॉप 200 में भी जगह नहीं बना सका है। इस बार भी एनआईआरएफ रैंकिंग में इविवि टॉप 200 से बाहर है।
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वहीं, एमएनएनआईटी को इंजीनियरिंग श्रेणी में 47वीं रैंक मिली हैं, जबकि 2021 में संस्थान को 42वां स्थान प्राप्त हुआ था। ऐसे में एमएनएनआईटी रैंकिंग में तीन पायदान नीचे आ गया है। इसी तरह ट्रिपल आईटी छह पायदान नीच आया है। ट्रिपल आईटी को इस वर्ष 93वां स्थान मिला है, जबकि वर्ष 2021 में 87वीं रैंक हासिल हुई थी। इसके अलावा फार्मेसी की श्रेणी में सैम हिग्गिन बॉटम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज को 79वीं रैंक मिली है, जबकि वर्ष 2020 में इस संस्थान को 56वीं रैंक हासिल हुई थी।

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Allahabad University: 'Oxford of the East' out of top 200 for the fourth consecutive year
NIRF

शिक्षक-छात्र अनुपात बिगड़ा इसीलिए रैकिंग में इविवि पिछड़ा

एनआईआरएफ रैंकिंग में इविवि में शिक्षक-छात्र अनुपात ने समीकरण बिगाड़ दिया। इविवि की ओर से एनआईआरएफ रैंकिंग-2022 के लिए सितंबर 2021 में डाटा भेजा गया था, तब इविवि में 29 हजार छात्र और 293 शिक्षक थे। वहीं, 2016 में छात्रों की संख्या 29 हजार से कम थी और शिक्षक की संख्या पांच सौ के आसपास थी। धीमे-धीमे छात्र-शिक्षक अनुपात बिगड़ता गया, जबकि किसी भी संस्थान की एनआईआरएफ रैंकिंग में यह सबसे महत्वपूर्ण मानक होता। 


एनआईआरएफ रैंकिंग पर्सेप्शन के आधार पर भी तय होती है। इसके लिए अलग से अंक दिए जाते हैं। एनआईआरएफ की ओर से शिक्षकों, पुराछात्रों एवं अन्य गणमान्य लोगों को ईमेल भेजकर शिक्षण संस्थान के प्रति उनके  नजरिये के बारे में पूछा जाता है। अच्छा पर्सेप्शन न होने के कारण भी विश्वविद्यालय लगातार चार वर्षों से देश के टॉप 200 शिक्षण संस्थानों की लिस्ट से बाहर है। इसके अलावा ग्रेजुएशन आउटकम के आधार पर भी रैंकिंग निर्धारित की जाती है। 


इसके तहत संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के आधार पर अंक निर्धारित किए जाते हैं। वहीं, रैंक निर्धारण में यह भी देखा जाता है कि साल में कितने रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए, स्कोपस जर्नल्स में कितने रिसर्च पेपर प्रकाशित किए गए, बजट का कितना उपयोग किया गया, गवर्नमेंट अफसरों के लिए कितने कोर्स संचालित किए गए। इसके साथ कई अन्य मानकों के आधार पर भी रैंक तय की जाती है।

Allahabad University: 'Oxford of the East' out of top 200 for the fourth consecutive year
इलाहाबाद विश्वविद्यालय - फोटो : prayagraj

‘उन कमियों को दूर करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है तो बेहतर रैंकिंग की राह में बाधा बन रहीं हैं। मुख्य रूप से इविवि में शिक्षक-छात्र अनुपात बिगड़ने से नुकसान हुआ है। इसे बेहतर बनाने के लिए शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। 100 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। चयन के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। परिसर में शैक्षणिक और अनुसंधान सुविधाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इन तमाम प्रयासों के आधार पर हम छात्र, शिक्षकों और कर्मचारियों के सहयोग से 2023 में अच्छी रैंकिंग प्राप्त कर सकेंगे।’ - प्रो. संगीता श्रीवास्तव, कुलपति, इविवि

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एनआईआरएफ रैंकिंग - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

प्रदर्शन का आंकलन कर बेहतर का होगा प्रयास
मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आरएस वर्मा का कहना है कि हम एनआईआरएफ रैंकिंग का विश्वलेष्ण करेंगे। संस्थान ने एनआईआरएफ के कुछ मानकों में सुधार किया है। हम कहां पीछे रह गए, इसका विश्लेषण करेंगे और आने वाले दिनों बेहतर का प्रयास करेंगे। इसको लेकर संस्थान पहले से ही योजना बनाकर काम कर रहा है। वहीं ट्रिपलआईटी के एसोसिएट डीन (इंस्टीट्यूट रैंकिंगए लाइब्रेरी और ई लाइब्रेरी) डॉ सतीश कुमार सिंह का कहना है कि संस्थान को 93 रैंक मिली है। छोटा संस्थान होने के बावजूद तकनीकी संस्थानों में शीर्ष सौ में जगह बनाने में हम कामयाब रहे हैं। इसका श्रेय छात्रों और संकाय सदस्यों को जाता है। संस्थान की रैंकिंग में और सुधार आए, इसके लिए हम सब मिलकर विचार-विमर्श कर बेहतर योजना तैयार करेंगे। ताकि आने वाले सालों में रैंकिंग में और सुधार हो सके।

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