उपलब्धि : देश के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में इविवि भी शामिल, क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ने जारी की सूची
उच्च शिक्षा विश्लेषक क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी की ओर से जारी इस रैंकिंग को शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में बड़ा मूल्यांकन माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय रैंकिंग के 20वें संस्करण में इविवि ने अपनी जगह बनाते हुए मजबूती से कदम आगे बढ़ाए हैं।
विस्तार
क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ने विश्व के टॉप-1000 शिक्षण संस्थानों की वर्ष 2024 की रैंकिंग जारी कर दी है। इसमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) ने एशिया में 701-750 रैंकिंग बैंड और भारत में 86-90 रैंकिंग बैंड में जगह बनाई है। टॉप-1000 की सूची में मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) भी शामिल हैं।
उच्च शिक्षा विश्लेषक क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी की ओर से जारी इस रैंकिंग को शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में बड़ा मूल्यांकन माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय रैंकिंग के 20वें संस्करण में इविवि ने अपनी जगह बनाते हुए मजबूती से कदम आगे बढ़ाए हैं। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी की ओर से हर साल टॉप-1000 विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों की सूची जारी की जाती है।
एकेडमिक रेपोटेशन (शैक्षणिक प्रतिष्ठा), एंप्लायर रेपोटेशन (नियोक्ता प्रतिष्ठा), छात्र-शिक्षक अनुपात, शोधकार्य, अंतरराष्ट्रीय अध्यापक और छात्र अनुपात के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है और फिर रैंकिंग जारी की जाती है। अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय की ओर से जारी इस रैंकिंग में इस बार देश के 148 संस्थानों ने जगह बनाई है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय को एशिया में 701-750 रैंकिंग बैंड में जगह मिली है। इविवि को एकेडमिक रेपोटेशन में 6.6, साइटेशन प्रति पेपर में 17.7, एंप्लायर रेपोटेशन में 1.7, छात्र-शिक्षक अनुपात में 1.3 और अंतरराष्ट्रीय शोध कार्य में 2.3 अंक मिले हैं। देश में विश्वविद्यालय को 86-90 रैंकिंग बैंड में जगह मिली है। आने वाले समय में नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में भी इविवि की दावेदारी मजबूत हुई है।
विश्वविद्यालय का क्यूएस रैंकिंग में आना सुखद है, लेकिन प्राइवेट रैंकिंग से ज्यादा जरूरी है हमारा यूजीसी की रैंकिंग में आना और अच्छा नैक स्कोर होना। हमारा बराबर प्रयास है कि हम छात्रों को बेहतर शैक्षिक वातावरण दें और उनका सर्वांगीण विकास हो। साथ ही विश्वविद्यालय राष्ट्र के विकास में अकादमिक रूप से अधिकाधिक योगदान दे। हमको विश्वास है कि विश्वविद्यालय इससे भी श्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा और अग्रणी शिक्षण संस्थाओं में मजबूती से खड़ा होगा। - प्रो.जया कपूर, पीआरओ, इविवि