इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में पंडित दीन दयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना की जाएगी। सोमवार को इविवि के दीक्षांत समारोह एवं स्थापना दिवस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह घोषणा की। उन्होंने इविवि में शिक्षक एवं कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए और इविवि के अफसरों को भरोसा दिलाया कि इसके लिए मंत्रालय से हर संभव मदद मिलेगी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह : इविवि में स्थापित होगी दीन दयाल उपाध्याय शोध पीठ-धर्मेंद्र प्रधान
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यह विश्वविद्यालय अलग-अलग क्षेत्रों को मिले दिग्गजों की प्रयोगशाला रहा है। उन्होंने प्रयागराज को महर्षि भारद्वाज की तपोभूमि एवं चंद्रशेखर आजाद की बलिदान भूमि बताया और छात्रों से कहा कि यहां से मिला ज्ञान एवं अनुभव आपको बहुत दूर तक ले जाएगा।
गुलजार पर चुप्पी साध गए मंत्री
दीक्षांत समारोह के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया के सवालों पर जवाब भी दिया। हालांकि जब उनसे गीतकार गुलजार को मंत्रालय से डीलिट की उपाधि देने की स्वीकृति न मिलने के बारे में पूछा गया तो वह चुप्पी साध गए और बिना कोई जवाब दिए आगे बढ़ गए।
समाज के लिए उपयोगी शोध ही किए जाएं : धर्मेंद्र प्रधान
प्रयागराज। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कहा कि नई शिक्षा नीति में रोजगारपरक शिक्षा का ध्यान रखा गया है, जिसके लिए इस दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय अलग-अलग क्षेत्रों को मिले दिग्गजों की प्रयोगशाला रहा है। इसलिए सिर्फ रिसर्च जनरल के लिए ही शोध नहीं किए जाएं, बल्कि ऐसे शोध किए जाएं, जिनसे समाज का हित हो।
करीब सात सौ छात्र-छात्राओं को पदक और उपाधि दी गई
दीक्षांत समारोह में सोमवार को तकरीबन सात सौ छात्र-छात्राओं को पदक और उपाधि प्रदान की गई। मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कुलाधिपति आशीष कुमार चौहान और कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने मेधावियों को पदक और शोधार्थियों को पीएचडी की डिग्री प्रदान की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने पदक एवं डिग्री पाने वाले मेधावियों से कहा कि विश्वविद्यालय से जो संस्कृति साथ लेकर जा रहे हैं, समाज के हित में उसका उपयोग करें। उन्होंने प्रयागराज को महर्षि भरद्वाज की तपोभूमि एवं चंद्रशेखर आजाद की बलिदान भूमि बताया और छात्रों से कहा कि यहां से मिला ज्ञान एवं अनुभव आपको बहुत दूर तक ले जाएगा।
दस मेधावियों को कुलाधिपति पदक, मेडल पाने में बेटियों ने मारी बाजी
समारोह में सत्र 2018-19 और सत्र 2019-20 के छात्र-छात्राओं को मेडल एवं उपाधियों का वितरण किया गया। दस मेधावियों को कुलाधिपति पदक दिए गए, जिनमें चार स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न पाठ्यक्रमों के टॉपर्स को 263 मेडल प्रदान किए गए और लगभग साढ़े पांच सौ शोधार्थियों को पीएचडी की डिग्री दी गई। मेडल पाने वालों में आधे से अधिक बेटियां हैं। कुलाधिपति आशीष कुमार चौहान ने कहा कि हमें इन बेटियों पर गर्व हैं और भारत का भविष्य अब इन्हीं बेटियों के हाथ में है।