दिवाली के मौके पर रोशनी की झालर के साथ इको फ्रेंडली पटाखे धूम मचाने को तैयार हैं। इस बार कानफोड़ू तेज धमाके वाले बम की जगह फैंसी इको फ्रेंडली पटाखे दुकानों में दिख रहे हैं। खास बात यह है कि इन पटाखों की पैकिंग में संबंधित कंपनियों द्वारा क्यू आर कोड भी दिया गया है, ताकि ग्राहक खुद भी इस बात की तसदीक कर सकें कि पटाखा इको फ्रेंडली है।
दिवाली 2021 : कानफोड़ू बम की जगह इको फ्रेंडली पटाखों से सजा बाजार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महंगे पटाखों की बात करें तो दुकानों में 25 हजार रुपये का मोटा पाइप पटाखा भी बिक रहा है। इस पटाखे में सौ से ज्यादा पाइप लगे हैं। एक पाइप की कीमत 240 रुपये है। पाइप लगातार आसमान में जाकर रोशनी बिखेरते हैं। अमूमन इस पटाखे का इस्तेमाल बड़े आयोजन की शुरुआत या समापन के दौरान ही आसमान में रंगीन रोशनी बिखेरने के लिए होता है। इसके अलावा 60 आवाजा, 30 आवाजा नाम वाले पटाखे भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पटाखों के थोक कारोबारी मो. कादिर ने बताया कि इस बार आसमानी फैंसी आइटम की भरमार है।
600 रुपये की गोल्डन डक को पसंद कर रहे बच्चे
बाजार में 600 रुपये की गोल्डन डक बच्चे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बतख के आकार वाले इस पटाखे में कई जगह से रंगीन रोशनी निकलती है। एक बारगी यही लगेगा कि जैसे रोशनी के रूप में बतख का आकार उतर आया हो। इसके अलावा गोल्डन लायन, रिये, सिगरेट, माचिस, एके-47, गदा रॉकेट, गनेश बम, थ्री साउंड रॉकेट, मेगा फ्लावर, रंगोली, सिलिंडर बम, ड्रोन, व्हाट्सअप के अलावा बच्चों के लिए ऑगी, लोटो आदि पटाखे भी बाजार में उतारे गए हैं। फुटकर व्यापारी पवन श्रीवास्तव बताते हैं कि दिवाली पर प्रयागराज में पटाखे का 35 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हो सकता है।
बाजार में जो ग्रीन पटाखे आए हैं वह प्रदूषण तो कम फैलाते ही हैं साथ ही उनकी आवाज भी कम होती है। इन पटाखों की पहचान के लिए पटाखा निर्माता कंपनियों की ओर से ग्रीन लोगो और क्यूआर कोड का पैकिंग में उल्लेख किया गया है। इस बार फ्लैश बैक कैमरा लाइट वाले स्पेशल पटाखे भी बाजार में हैं। इन पटाखों को जलाने पर कैमरे की फ्लैश लाइट जलती दिखाई देगी।