इलाहाबाद विवि : छात्र की पिटाई की घटना का ऑडियो वायरल, प्रॉक्टर बोले- उनकी आवाज नहीं
ऑडियो में सबसे पहले दो तीन लोग अतुल नारायण नाम के व्यक्ति को व्हाट्सएप पर गाली देने व उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए पूछताछ करते सुनाई पड़ते हैं। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति की आवाज आती है जो यह कहता है कि उसने किसी को गाली नहीं दी। कुछ देर बाद इसी व्यक्ति की रोते व गिड़गिड़ाते हुए आवाज सुनाई देती है जिसमें वह माफी मांगते सुनाई पड़ता है।
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तीन दिन पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रॉक्टोरियल बोर्ड पर पिटाई, गालीगलौज करने वाले छात्र अभिषेक गुप्ता ने बुधवार को एक ऑडियो वायरल किया। आरोप है कि यह ऑडियो उसी घटना का है जिसमें प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य उससे मारपीट व गालीगलौज करते सुने जा सकते हैं। उधर चीफ प्रॉक्टर का कहना है कि ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं और अगर कोई ऑडियो है तो उसमें उनकी आवाज नहीं।
19 मिनट के इस ऑडियो में एक व्यक्ति रो-रोकर खुद को माफ किए जाने की बात कहता सुनाई पड़ता है। जबकि कुछ लोग उसे पीटते-गालीगलौज करते व धमकाते सुनाई पड़ते हैं। एसएसएल हॉस्टल के अंत:वासी अभिषेक गुप्ता का आरोप है कि इसमें रो-रोकर माफी मांगने वाला वह खुद है और दूसरी ओर से गालीगलौज, पिटाई करने व धमकी देने वाले प्रॉक्टोरियल बोर्ड के चीफ प्रॉक्टर राकेश सिंह, अतुल नारायण सिंह, विवेक द्विवेदी व मृत्युंजय राव परमार हैं।
ऑडियो में सबसे पहले दो तीन लोग अतुल नारायण नाम के व्यक्ति को व्हाट्सएप पर गाली देने व उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए पूछताछ करते सुनाई पड़ते हैं। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति की आवाज आती है जो यह कहता है कि उसने किसी को गाली नहीं दी। कुछ देर बाद इसी व्यक्ति की रोते व गिड़गिड़ाते हुए आवाज सुनाई देती है जिसमें वह माफी मांगते सुनाई पड़ता है। उधर दूसरी ओर से उसे गालियां देेने के साथ ही घर खोदवाने व जेल भेजवाने की धमकी देते कुछ लोग सुनाई पड़ते हैं। ऑडियो में यह भी बात सुनाई पड़ती है जिसमें कुछ लोग यह कहते हैं कि तुरंत हॉस्टल खाली करो।
जेल भेजने की दी गई थी धमकी
ऑडियो के संबंध में अभिषेक गुप्ता का आरोप है कि यह ऑडियो उसके मोबाइल से तब रिकॉर्ड हुआ, जब यह घटना हुई। उसका यह भी दावा है कि प्रॉक्टर कार्यालय में हुई इस घटना में उसे पीटा गया, गालीगलौज की गई और जेल भेजवाने की धमकी दी गई। उसने बताया कि उसकी ओर से इस मामले की शिकायत कुलपति के अलावा यूजीसी की एंटी रैगिंग सेल और कर्नलगंज थाने में भी की गई है।
उधर चीफ प्रॉक्टर राकेश सिंह का कहना है कि उन्होंने न ही ऑडियो सुना है और न ही इसकी कोई जानकारी है। जहां तक प्रॉक्टर कार्यालय में मोबाइल में रिकॉर्डिंग का आरोप है तो बताना चाहता हूं कि सुरक्षा कारणों से प्रॉक्टर कार्यालय में मोबाइल लेकर आने पर रोक है। यहां आने वाले का मोबाइल पहले ही सुरक्षाकर्मी जमा करा लेते हैं। उनका यह भी कहना है कि ऐसी कोई घटना प्राॅक्टर कार्यालय में हुई ही नहीं। कोई आरोप लगा रहा है तो पुलिस को ऑडियो की जांच करानी चाहिए।