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Allahabad University News: इविवि रैंकिंग सुधरेगी तो छवि में भी सुधार होगा
Thu, 24 Sep 2020 02:23 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2020 02:23 PM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि)
- फोटो : अमर उजाला
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प्रयागराज। इविवि के 134वें स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि राज्यसभा के पूर्व महासचिव एवं इविवि के पुराछात्र डॉ.योगेंद्र नारायण ने विश्वविद्यालय की वर्तमान स्थिति पर कहा, ‘हमें समग्र प्रयास करके इविवि की रैंकिंग के सुधार के लिए काम करना होगा। इससे इविवि की छवि में सुधार होगा।’ मुख्य अतिथि ने न केवल भारत में बल्कि विदेश में भी इसके लिए एक कमेटी बनाने का सुझाव दिया। बुधवार को समारोह में ज्यादातर अतिथिगण ऑनलाइन जुड़े और अपने विचार साझा किए।
समारोह के दौरान डॉ. योगेंद्र ने नई शिक्षा नीति में स्किल डेवलपमेंट पर काम करने ट्रेडिशनल नॉलेज को विकसित करने, एजूकेशन कल्चर विकसित करने के लिए एक टास्क फोर्स बनाने का सुझाव दिया। जाने-माने संविधान विशेषज्ञ और इविवि छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सुभाष कश्यप ने कहा की इन दिनों सत्ता संपदा सफलता ही प्रमुख लक्ष्य माना जाता है, जिसे किसी भी कीमत पर हासिल करना लोगों का एकमात्र उद्देश्य बन गया है।
उन्होंने कहा, ‘मैं इस संस्था के शिक्षकों का कर्जदार हूं, जिन्होंने सत्ता-सम्पदा से कभी समझौता नहीं करने का पाठ पढ़ाया। मैंने सदैव उसका पालन किया और कभी भी सत्ता संपदा और सफलता के लिए समझौता नहीं किया’। इविवि के भौतिक विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. बालकृष्ण अग्रवाल ने भौतिकी विज्ञान विभाग के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया। बताया, 1924 में प्रो. मेघनाद सहा जैसे प्रतिभाशाली वैज्ञानिक ने इस विभाग की स्थापना की थी। इसके पहले कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। अतिथियों का परिचय एवं स्वागत परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह एवं प्रो. प्रशांत अग्रवाल ने किया जबकि संचालन डॉ. धनंजय चोपड़ा ने किया। धन्यवाद रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल ने किया।
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वेबसाइट में पुराछात्रों को जोड़ने के लिए विशेष लिंक
समारोह के दौरान इविवि के कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने बताया कि की वेबसाइट में आमूल-चूल परिवर्तन किए गए हैं। वेबसाइट में पुराछात्रों को जोड़ने के लिए एक विशेष लिंक दिया गया है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए इविवि ने अपना फेस मॉस्क डिजाइन किया। सैनिटाइजर बनाने के साथ सफाई कर्मियों के लिए पीपीई का नि:शुल्क वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए एक विशिष्ट सुविधा संपन्न स्टूडियो का निर्माण किया गया है। 1434 मेगावाट का सोलर सिस्टम स्थापित किया गया।
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समारोह के दौरान डॉ. योगेंद्र ने नई शिक्षा नीति में स्किल डेवलपमेंट पर काम करने ट्रेडिशनल नॉलेज को विकसित करने, एजूकेशन कल्चर विकसित करने के लिए एक टास्क फोर्स बनाने का सुझाव दिया। जाने-माने संविधान विशेषज्ञ और इविवि छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सुभाष कश्यप ने कहा की इन दिनों सत्ता संपदा सफलता ही प्रमुख लक्ष्य माना जाता है, जिसे किसी भी कीमत पर हासिल करना लोगों का एकमात्र उद्देश्य बन गया है।
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उन्होंने कहा, ‘मैं इस संस्था के शिक्षकों का कर्जदार हूं, जिन्होंने सत्ता-सम्पदा से कभी समझौता नहीं करने का पाठ पढ़ाया। मैंने सदैव उसका पालन किया और कभी भी सत्ता संपदा और सफलता के लिए समझौता नहीं किया’। इविवि के भौतिक विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. बालकृष्ण अग्रवाल ने भौतिकी विज्ञान विभाग के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया। बताया, 1924 में प्रो. मेघनाद सहा जैसे प्रतिभाशाली वैज्ञानिक ने इस विभाग की स्थापना की थी। इसके पहले कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। अतिथियों का परिचय एवं स्वागत परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह एवं प्रो. प्रशांत अग्रवाल ने किया जबकि संचालन डॉ. धनंजय चोपड़ा ने किया। धन्यवाद रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल ने किया।
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वेबसाइट में पुराछात्रों को जोड़ने के लिए विशेष लिंक
समारोह के दौरान इविवि के कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने बताया कि की वेबसाइट में आमूल-चूल परिवर्तन किए गए हैं। वेबसाइट में पुराछात्रों को जोड़ने के लिए एक विशेष लिंक दिया गया है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए इविवि ने अपना फेस मॉस्क डिजाइन किया। सैनिटाइजर बनाने के साथ सफाई कर्मियों के लिए पीपीई का नि:शुल्क वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए एक विशिष्ट सुविधा संपन्न स्टूडियो का निर्माण किया गया है। 1434 मेगावाट का सोलर सिस्टम स्थापित किया गया।

allahabad university 134th foundation celebration- फोटो : CITY DESK