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आदर्श संहिता है तुलसी की ‘मानस’

Sun, 23 Aug 2015 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 23 Aug 2015 02:07 AM IST
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इलाहाबाद। रामचरित मानस के रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास की जयंती शनिवार को धूमधाम से मनाई गई। विभिन्न संगठनों की ओर से हुए कार्यक्रम में तुलसी प्रतिमा पर माल्यार्पण सहित उनकी रचनाओं की प्रस्तुतियां की गईं।  लोक जागरण एवं तुलसी शोध संस्थान की ओर से नगर निगम परिसर में हुए समारोह में सुपरिचित भजन गायक मनोज गुप्ता ने विविधतापूर्ण भजन सुनाए। उन्होंने गाइए गणपति जग वंदन से शुरुआत के बाद भज मन रामचरन सुख दाई, ठुमक चलत रामचंद्र बजत पैजनिया जैसे भजन सुनाकर भावविभोर किया। वहीं अजय याज्ञनिक ने सुंदर कांड की संगीतमय प्रस्तुति दी। इसके पहले सिविल लाइंस स्थित तुलसी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में नगरनिगम के अधिकारी कर्मचारी, सभासद आदि शामिल थे।
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 अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की ओर से तुलसी जयंती पर गिरिजाशंकर शास्त्री, एसके तिवारी, अशोक कुमार आदि वक्ताओं ने उनकी रचनाओं को मानव जीवन के लिए आदर्श संहिता बताया। फिर कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से तुलसीदास का नमन किया।  अध्यक्षता रामनेरश पिंडीवासा ने की। संचालन विनय कुमार शर्मा ने किया। तुलसी पीठ प्रयाग एवं अखिल भारतीय रामायण मेला समिति की ओर से तुलसी जयंती पर वक्ताओं ने तुलसी साहित्य की उपादेयता पर चर्चा की। अध्यक्षता दयाशंकर पांडेय, संचालन शंभूनाथ त्रिपाठी अंशुल आभार कैलाश नाथ पांडेय ने किया।
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तुलसी कृत रामचरित मानस प्रत्येक संदर्भों में और प्रत्येक प्रश्नों के उत्तर में सकारात्मक तरीके से अपनी सारगर्भिता को रेखांकित करने में समर्थ है। हिंदी साहित्य सम्मेलन की ओर से सम्मेलन संग्रहालय भवन में हुए तुलसी जयंती समारोह में मुख्य अतिथि एवं वक्ता प्रो.योगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आज जब वैश्विक परंपरा में मानवीय संवेदनाएं खोखली होती जा रहीं हैं, ऐसे में रामचरित मानस एक आधारभूत महाकाव्य के रूप में रामराज्य की स्थापना के अनेक संदर्भों में एक साथ प्रस्तुत है। कार्यक्रम में सम्मेलन के प्रधानमंत्री विभूति मिश्र, प्रो.रामकिशोर शर्मा, श्याम कृष्ण पांडेय, पन्नालाल गुप्त मानस आदि मौजूद थे।
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श्रीकान्य कुब्ज ब्राह्मण सभा ने तुलसीदास कृत रामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ का दर्जा दिए जाने की मांग की। सभा की ओर से ताशकंद रोड स्थित कार्यालय में तुलसी जयंती पर मुख्य अतिथि डा. ईश्वर चंद्र शुक्ल ने मानस को जनमानस में लोकप्रिय ग्रंथ बताया। अध्यक्षता गिरिजा शंकर मिश्र, संचालन उमेश चंद्र त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर संरक्षक शैलेंद्र, विजय कुमार तिवारी, राममूर्ति शुक्ला आदि उपिस्थित रहे।
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