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मुख्य सचिव तक पहुंचा प्रमोशनल सरचार्ज का मामला
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Tue, 02 Feb 2016 01:43 AM IST
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नगर निगम की ओर से व्यावसायिक भवनों पर लगाए गए प्रमोशनल सरचार्ज का मामला मुख्य सचिव आलोक रंजन के पास तक पहुंच गया है। धरना-प्रदर्शन समेत कई तरीकों से प्रमोशन सरचार्ज खत्म करने की मांग न माने जाने से खफा सर्वदलीय पार्षदों ने सोमवार यहां सरकिट हाउस में मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर प्रमोशनल सरचार्ज को काला कानून बताते हुए, उसे पूरी तरह खत्म कराने की मांग की।
नगर आयुक्त पर हमलावर पार्षदों ने सेल्फ असेसमेंट का भी मामला उठाया। कहा कि सेल्फ असेसमेंट का फॉर्म न भरने वाले भवन स्वामियों पर जुर्माना लगाने का अधिकार नगर आयुक्त से समाप्त किया जाए, क्योंकि फॉर्म भरना वैकल्पिक व्यवस्था है। पार्षदों ने निगम में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उसकी उच्च स्तरीय जांच कराने, अब तक काम में असफल हरी-भरी कंपनी से एग्रीमेंट खत्म करने, अवस्थापना निधि से सभी वार्डों में बराबर से काम कराने, पुर्न गृहकर मूल्यांकन दो वर्ष के स्थान पर पूर्व की भांति पांच वर्ष करने तथा राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि में की गई कटौती निगम को वापस करने की मांग की गई।
डीएम संजय कुमार की मौजूदगी में हुई वार्ता के दौरान मुख्य सचिव ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में कार्यकारिणी उपाध्यक्ष सुशील कुमार यादव, पार्षद शिव सेवक सिंह, अतहर रजा लाडले, रमेश मिश्रा, विजय पुर्सवानी, आनंद सिंह, अमित सिंह, अभय यादव, दीपेश यादव, चंद्रशेखर बच्चा, पूर्व पार्षद कमलेश सिंह, मोहम्मद मुस्लिम आदि शामिल थे।
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नगर आयुक्त पर हमलावर पार्षदों ने सेल्फ असेसमेंट का भी मामला उठाया। कहा कि सेल्फ असेसमेंट का फॉर्म न भरने वाले भवन स्वामियों पर जुर्माना लगाने का अधिकार नगर आयुक्त से समाप्त किया जाए, क्योंकि फॉर्म भरना वैकल्पिक व्यवस्था है। पार्षदों ने निगम में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उसकी उच्च स्तरीय जांच कराने, अब तक काम में असफल हरी-भरी कंपनी से एग्रीमेंट खत्म करने, अवस्थापना निधि से सभी वार्डों में बराबर से काम कराने, पुर्न गृहकर मूल्यांकन दो वर्ष के स्थान पर पूर्व की भांति पांच वर्ष करने तथा राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि में की गई कटौती निगम को वापस करने की मांग की गई।
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डीएम संजय कुमार की मौजूदगी में हुई वार्ता के दौरान मुख्य सचिव ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में कार्यकारिणी उपाध्यक्ष सुशील कुमार यादव, पार्षद शिव सेवक सिंह, अतहर रजा लाडले, रमेश मिश्रा, विजय पुर्सवानी, आनंद सिंह, अमित सिंह, अभय यादव, दीपेश यादव, चंद्रशेखर बच्चा, पूर्व पार्षद कमलेश सिंह, मोहम्मद मुस्लिम आदि शामिल थे।
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