{"_id":"65498429cd3ac7ea1868c3d286428762","slug":"allahabad-news-hindi-news-698","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीईटी में 82 अंक पाने वालों की काउंसलिंग को चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीईटी में 82 अंक पाने वालों की काउंसलिंग को चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Tue, 19 Jan 2016 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित-विज्ञान के 27,334 सहायक अध्यापकों की भर्ती में टीईटी मे 82 अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को भी काउंसलिंग में शामिल करने के निर्देश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। 82 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों ने याचिका दाखिल कर कहा है कि पूर्व की काउंसलिंग में अधिक अंक होने के बावजूद उनको शामिल नहीं किया गया। अब 82 अंक वालों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।
प्रियंका गुप्ता और 25 अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने बेसिक शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार से 21 जनवरी तक जवाब मांगा है। पूछा है कि अब तक 17 चक्र की काउंसलिंग के बाद कितने पद रिक्त बचे हैं। याची के अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी और विभु राय ने कहा कि सरकार ने सात जनवरी 2016 को शासनादेश जारी कर टीईटी में 82 अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को भी काउंसलिंग में शामिल करने का निर्देश दिया है। सरकार का यह निर्देश मनमाना और भेदभाव पूर्ण है, क्योंकि याचीगण का टीईटी में 82 से अधिक है।
उनको काउंसलिंग में न बुलाकर कम अंक वालों से आवेदन मांगा गया है। याचिका में सात जनवरी के शासनादेश को रद्द करने तथा याचीगण को नियुक्तिपत्र देने की मांग की गई है। इस मामले की सुनवाई 21 जनवरी को होगी। इस दौरान यदि कोई नियुक्ति की जाती है तो वह याचिका पर होने वाले अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रियंका गुप्ता और 25 अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने बेसिक शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार से 21 जनवरी तक जवाब मांगा है। पूछा है कि अब तक 17 चक्र की काउंसलिंग के बाद कितने पद रिक्त बचे हैं। याची के अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी और विभु राय ने कहा कि सरकार ने सात जनवरी 2016 को शासनादेश जारी कर टीईटी में 82 अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को भी काउंसलिंग में शामिल करने का निर्देश दिया है। सरकार का यह निर्देश मनमाना और भेदभाव पूर्ण है, क्योंकि याचीगण का टीईटी में 82 से अधिक है।
विज्ञापन
उनको काउंसलिंग में न बुलाकर कम अंक वालों से आवेदन मांगा गया है। याचिका में सात जनवरी के शासनादेश को रद्द करने तथा याचीगण को नियुक्तिपत्र देने की मांग की गई है। इस मामले की सुनवाई 21 जनवरी को होगी। इस दौरान यदि कोई नियुक्ति की जाती है तो वह याचिका पर होने वाले अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।
विज्ञापन