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अब रेल से खजुराहो होकर सीधे जा सकेंगे छतरपुर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 06 Jan 2016 09:19 PM IST
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रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी के एक और ड्रीम प्रोजेक्ट पूरा कर लिया है। रेल नक्शे में अब छतरपुर भी शामिल हो गया है। उत्तर मध्य रेल प्रशासन ने इलाहाबाद से रेलमार्ग द्वारा अब मध्य प्रदेश का छतरपुर जोड़ दिया है। यह रास्ता खजुराहो होकर निकला है। रेल संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के बाद इस रेलखंड पर यात्री ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा। अभी इस रूट पर रेलवे सिर्फ मालगाड़ी चलाएगा। मार्च 2016 के बाद इस रूट पर यात्री ट्रेनों की आवाजाही भी शुरू हो जाएगी।
एनसीआर के झांसी डिवीजन के ललितपुर-सिंगरौली प्रोजेक्ट पूर्व पीएम अटल बिहारी के कार्यकाल में स्वीकृत हुआ था। इस रेलमार्ग पर खजुराहो से छतरपुर होकर ललितपुर तक पहले रेल लाइन बिछानी थी। इस वित्तीय वर्ष में मवई से खजुराहो के बीच 100 किलोमीटर लंबी लाइन का निर्माण किया गया। इस 100 किलोमीटर के खंड पर मवई से खडगापुर (23 किमी) को यात्री यातायात के लिए फिट घोषित कर दिया गया है। अब बाकी बचे 77 किलोमीटर खंड खडगापुर से खजुराहो को माल यातायात के लिए खोल दिया गया है। अभी हाल ही में छतरपुर से खजुराहोे के बीच एक विशेष ट्रेन को परीक्षण के रूप में चलाया गया।
इसमें उत्तर मध्य रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे के अफसर भी शामिल हुए। बता दें कि रेल मैप में वर्ष 2008 में ही खजुराहोे शामिल हुआ है। खजुराहो के लिए इलाहाबाद से सीधी ट्रेन भी चलती है जो बुंदेलखंड एक्सप्रेस में जुड़कर सप्ताह में तीन दिन चलती है। अब इसी रेलमार्ग का विस्तार करते हुए रेलवे ने खजुराहोे को मध्य प्रदेश के छतरपुर से जोड़ दिया है। यह रेलमार्ग सीधे यूपी के ललितपुर तक गया है। इस 100 किलोमीटर के रेलखंड में दस बड़े पुल, 119 छोटे पुल, पांच रेल ओवर ब्रिज, 66 रेल अंडर ब्रिज, पांच क्रासिंग स्टेशन और तीन हॉल्ट स्टेशन हैं। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 520 करोड़ रुपये आई है।
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एनसीआर के झांसी डिवीजन के ललितपुर-सिंगरौली प्रोजेक्ट पूर्व पीएम अटल बिहारी के कार्यकाल में स्वीकृत हुआ था। इस रेलमार्ग पर खजुराहो से छतरपुर होकर ललितपुर तक पहले रेल लाइन बिछानी थी। इस वित्तीय वर्ष में मवई से खजुराहो के बीच 100 किलोमीटर लंबी लाइन का निर्माण किया गया। इस 100 किलोमीटर के खंड पर मवई से खडगापुर (23 किमी) को यात्री यातायात के लिए फिट घोषित कर दिया गया है। अब बाकी बचे 77 किलोमीटर खंड खडगापुर से खजुराहो को माल यातायात के लिए खोल दिया गया है। अभी हाल ही में छतरपुर से खजुराहोे के बीच एक विशेष ट्रेन को परीक्षण के रूप में चलाया गया।
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इसमें उत्तर मध्य रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे के अफसर भी शामिल हुए। बता दें कि रेल मैप में वर्ष 2008 में ही खजुराहोे शामिल हुआ है। खजुराहो के लिए इलाहाबाद से सीधी ट्रेन भी चलती है जो बुंदेलखंड एक्सप्रेस में जुड़कर सप्ताह में तीन दिन चलती है। अब इसी रेलमार्ग का विस्तार करते हुए रेलवे ने खजुराहोे को मध्य प्रदेश के छतरपुर से जोड़ दिया है। यह रेलमार्ग सीधे यूपी के ललितपुर तक गया है। इस 100 किलोमीटर के रेलखंड में दस बड़े पुल, 119 छोटे पुल, पांच रेल ओवर ब्रिज, 66 रेल अंडर ब्रिज, पांच क्रासिंग स्टेशन और तीन हॉल्ट स्टेशन हैं। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 520 करोड़ रुपये आई है।
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