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चार दिन थाने दौड़ाने के बाद भी नहीं लिखी रिटायर दरोगा की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 02 Jan 2016 12:21 AM IST
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वाह री नैनी पुलिस, अपने ही महकमे के रिटायर दरोगा की एफआईआर लिखने में चार दिन तक दौड़ाया। फिर भी दरोगा की रिपोर्ट नैनी पुलिस ने नहीं लिखी। रिटायर दरोगा ने एसएसपी से गुहार लगाई। कप्तान के आदेश पर नैनी पुलिस ने मुकदमा लिखा। अब मामले की विवेचना साइबर क्राइम सेल को दी गई है।
नैनी इलाके के रहने वाले अजीत सिंह पुलिस महकमे के रिटायर दरोगा हैं। कुछ दिन पहले शातिरों ने उनके खाते से लगभग दो दो लाख रुपये उड़ा दिए। जब इसकी जानकारी अजीत सिंह क ो हुई तो वह परेशान हो गए। बैंक से जानकारी करने के बाद पता चला कि यह साइबर शातिरों की करतूत है। रिटायर दरोगा शिकायत लेकर नैनी थाने पहुंचे लेकिन थाने में पहले दिन कोई सुनवाई नहीं हुई। दरोगा को नैनी पुलिस 22 से 25 दिसंबर तक दौड़ाती रही लेकिन केस नहीं लिखा।
अजीत सिंह ने थाने में बताया भी कि वह रिटायर दरोगा हैं लेकिन इसके बाद पुलिस वालों ने कोई हमदर्दी नहीं दिखाई। अपने ही विभाग के लोगों का यह रूखा व्यवहार देखकर अजीत ठगा सा महसूस कर रहे थे। आखिरकार 26 दिसंबर को मामले की शिकायत एसएसपी से की। तब नैनी पुलिस ने दरोगा की रिपोर्ट लिखी। मामला साइबर क्राइम का होने के चलते विवेचना साइबर क्राइम सेल को सौंप दी गई है। सोचने वाली बात है कि पुलिस का यह व्यवहार अपने ही महकमे के रिटायर दरोगा के साथ ऐसा हहै तो आम लोगों के साथ वे कैसा सलूक करते होंगे।
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नैनी इलाके के रहने वाले अजीत सिंह पुलिस महकमे के रिटायर दरोगा हैं। कुछ दिन पहले शातिरों ने उनके खाते से लगभग दो दो लाख रुपये उड़ा दिए। जब इसकी जानकारी अजीत सिंह क ो हुई तो वह परेशान हो गए। बैंक से जानकारी करने के बाद पता चला कि यह साइबर शातिरों की करतूत है। रिटायर दरोगा शिकायत लेकर नैनी थाने पहुंचे लेकिन थाने में पहले दिन कोई सुनवाई नहीं हुई। दरोगा को नैनी पुलिस 22 से 25 दिसंबर तक दौड़ाती रही लेकिन केस नहीं लिखा।
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अजीत सिंह ने थाने में बताया भी कि वह रिटायर दरोगा हैं लेकिन इसके बाद पुलिस वालों ने कोई हमदर्दी नहीं दिखाई। अपने ही विभाग के लोगों का यह रूखा व्यवहार देखकर अजीत ठगा सा महसूस कर रहे थे। आखिरकार 26 दिसंबर को मामले की शिकायत एसएसपी से की। तब नैनी पुलिस ने दरोगा की रिपोर्ट लिखी। मामला साइबर क्राइम का होने के चलते विवेचना साइबर क्राइम सेल को सौंप दी गई है। सोचने वाली बात है कि पुलिस का यह व्यवहार अपने ही महकमे के रिटायर दरोगा के साथ ऐसा हहै तो आम लोगों के साथ वे कैसा सलूक करते होंगे।
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