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ठंड का कहर, 50 से अधिक भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 13 Dec 2015 12:17 AM IST
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पिछले कई दिनों से नमी और कोहरे से हुई ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। ठंड की चपेट में आकर दो दिनों में 50 से अधिक लोग स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, कॉल्विन और चिल्ड्रेन अस्पताल में भर्ती हुए हैं। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के आईसीयू में जगह नहीं रह गई है, जबकि बेली, कॉल्विन और चिल्ड्रेन की इमरजेंसी में डायरिया, निमोनिया के मरीज भरे पड़े हैं।
ठंड से दिल और दिमाग पर खतरा बढ़ गया है। एसआरएन अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के आईसीसीयू में हार्ट के दर्जनों मरीज पड़े हैं। निजी अस्पतालों के आईसीयू और इमरजेंसी में हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक के और अन्य वार्ड डायरिया के मरीजों से भरे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में निमोनिया की शिकायत भी बढ़ी है। अस्पतालों के आईसीयू में कई मरीज सांस के भी भर्ती हुए हैं।
दरअसल, इस बार सर्दी का मौसम बहुत ही अजीबो-गरीब है। कोहरे और नमी से ठंड तो थोड़ी बढ़ी लेकिन तापमान सामान्य से अधिक बना रहा। इससे लोग धोखा खा गए और शरीर पर गर्म कपड़ों से पहनने से कतराते रहे। इससे ठंड की चपेट में और बहुत लोग संक्रमण से डायरिया की चपेट में आ गए। कुछ लोगों ने तो ओपीडी में पहुंचकर परामर्श लिया और दवा खाकर ठीक हो गए लेकिन कुछ की हालत गंभीर हो गई। कॉल्विन अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. इम्तियाज अहमद ने कहा कि शुक्रवार और शनिवार को डायरिया के दर्जन भर से अधिक मरीज भर्ती हुए हैं। उधर, बेली, एसआरएन और चिल्ड्रेन अस्पताल में भी डायरिया के कई मरीज भर्ती हुए हैं।
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एसआरएन अस्पताल में दिल और दिमाग से झटका खाने वाले 20 से अधिक मरीज भर्ती हुए हैं। अस्पताल के फिजीशियन डॉ. मनोज माथुर कहते हैं कि ठंड बढ़ने से सांस के साथ दिल, दिमाग के मरीजों के लिए खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को संभलकर रहने की जरूरत है।
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ठंड से दिल और दिमाग पर खतरा बढ़ गया है। एसआरएन अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के आईसीसीयू में हार्ट के दर्जनों मरीज पड़े हैं। निजी अस्पतालों के आईसीयू और इमरजेंसी में हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक के और अन्य वार्ड डायरिया के मरीजों से भरे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में निमोनिया की शिकायत भी बढ़ी है। अस्पतालों के आईसीयू में कई मरीज सांस के भी भर्ती हुए हैं।
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दरअसल, इस बार सर्दी का मौसम बहुत ही अजीबो-गरीब है। कोहरे और नमी से ठंड तो थोड़ी बढ़ी लेकिन तापमान सामान्य से अधिक बना रहा। इससे लोग धोखा खा गए और शरीर पर गर्म कपड़ों से पहनने से कतराते रहे। इससे ठंड की चपेट में और बहुत लोग संक्रमण से डायरिया की चपेट में आ गए। कुछ लोगों ने तो ओपीडी में पहुंचकर परामर्श लिया और दवा खाकर ठीक हो गए लेकिन कुछ की हालत गंभीर हो गई। कॉल्विन अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. इम्तियाज अहमद ने कहा कि शुक्रवार और शनिवार को डायरिया के दर्जन भर से अधिक मरीज भर्ती हुए हैं। उधर, बेली, एसआरएन और चिल्ड्रेन अस्पताल में भी डायरिया के कई मरीज भर्ती हुए हैं।
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एसआरएन अस्पताल में दिल और दिमाग से झटका खाने वाले 20 से अधिक मरीज भर्ती हुए हैं। अस्पताल के फिजीशियन डॉ. मनोज माथुर कहते हैं कि ठंड बढ़ने से सांस के साथ दिल, दिमाग के मरीजों के लिए खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को संभलकर रहने की जरूरत है।