{"_id":"623a273c72f29054cb684a0a","slug":"allahabad-highcourt-show-cause-notice-to-shahjahanpur-sdm-in-contempt-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"Allahabad Highcourt: अवमानना मामले में शाहजहांपुर के एसडीएम को कारण बताओ नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Allahabad Highcourt: अवमानना मामले में शाहजहांपुर के एसडीएम को कारण बताओ नोटिस
Wed, 23 Mar 2022 01:15 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 23 Mar 2022 01:15 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद उच्च न्यायालय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शाहजहांपुर जिले की तिलहर तहसील के एसडीएम हिमांशु उपाध्याय को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने एसडीएम से कारण को हलफनामे पर दाखिल करने केलिए कहा है।
यह भी कहा है कि अगर वह हलफनामा दाखिल नहीं कर पाएंगे तो उन्हें कोर्ट के समक्ष पेश होकर इसकी जानकारी देनी होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने विष्णु दयाल की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
कोर्ट ने कहा कि जब अपने पूर्व के आदेश में उसने पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत चुनाव याचिका को निस्तारित करने का आदेश दिया था, तो याचिका का निस्तारण क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने एसडीएम को आदेश की अवमानना का दोषी पाया और मामले में नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए एक अप्रैल की तिथि तय की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी कहा है कि अगर वह हलफनामा दाखिल नहीं कर पाएंगे तो उन्हें कोर्ट के समक्ष पेश होकर इसकी जानकारी देनी होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने विष्णु दयाल की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा कि जब अपने पूर्व के आदेश में उसने पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत चुनाव याचिका को निस्तारित करने का आदेश दिया था, तो याचिका का निस्तारण क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने एसडीएम को आदेश की अवमानना का दोषी पाया और मामले में नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए एक अप्रैल की तिथि तय की है।
विज्ञापन