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Allahabad High Court : भूमि पर स्थगनादेश बरकरार, हाईकोर्ट से याची को नहीं मिली राहत
Tue, 26 Apr 2022 10:28 PM IST
विनोद सिंह
राहुल शर्मा, प्रयागराज
राहुल शर्मा, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 26 Apr 2022 10:28 PM IST
सार
मामले में अलीगढ़ की जिला अदालत ने जमुनाबाग भूमि पर प्रतिवादी हनुमान प्रसाद पोद्दार के पक्ष में 22 जनवरी 2022 को स्थगन आदेश पारित कर रखा है। याची मुकुल उपाध्याय व अन्य ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अलीगढ़ स्थित जमुनाबाग भूमि पर निचली अदालत द्वारा दिया गया स्थगन आदेश बरकरार रखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि याचिका पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने कहा कि याची को सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 43 नियम 1(1) के तहत निचली अदालत केफैसले के खिलाफ अपील दाखिल कर सकता है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने मुकुल उपाध्याय व अन्य की याचिका को खारिज करते हुए दिया है।
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मामले में अलीगढ़ की जिला अदालत ने जमुनाबाग भूमि पर प्रतिवादी हनुमान प्रसाद पोद्दार के पक्ष में 22 जनवरी 2022 को स्थगन आदेश पारित कर रखा है। याची मुकुल उपाध्याय व अन्य ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट में प्रतिवादी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि याचिका पोषणीय नहीं है, क्योंकि निचली अदालत ने मामले में स्थगन आदेश पारित कर रखा है। कोर्ट ने प्रतिवादी के अधिवक्ता के तर्कों से सहमति जताते हुए याचिका खारिज कर दी।
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