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Prayagraj : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- हालात कैसे भी हों, वादकारियों के लिए बंद नहीं हो सकते अदालत के दरवाजे
Thu, 12 Dec 2024 06:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज/गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज/गाजियाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 12 Dec 2024 06:21 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा कि हालात कैसे भी हों, अदालत के दरवाजे न्यायिक अधिकारियों और वादकारियों के लिए बंद नहीं हो सकते। न्याय के लिए वादकारियों को दर-दर भटकने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। वहीं, गाजियाबाद बार एसोसिएशन ने बुधवार को वकीलों की हड़ताल खत्म हो जाने की घोषणा कर दी।
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Allahabad High Court
- फोटो : एएनआई
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद में चल रही वकीलों की हड़ताल पर सख्त नाराजगी जताई है। कहा है कि हालात कैसे भी हों, अदालत के दरवाजे न्यायिक अधिकारियों और वादकारियों के लिए बंद नहीं हो सकते। न्याय के लिए वादकारियों को दर-दर भटकने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। वहीं, गाजियाबाद बार एसोसिएशन ने बुधवार को वकीलों की हड़ताल खत्म हो जाने की घोषणा कर दी।
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कोर्ट ने अधिवक्ताओं से उम्मीद जताई है कि वह वादकारियों को अदालत आने से नहीं रोकेंगे। अगर ऐसा करते हैं तो वादकारी मुकदमे की बहस खुद करें। उन्हें जिला जज के परामर्श से जिला प्रशासन पुलिस सुरक्षा मुहैया कराए। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार की अदालत ने आशुतोष कुमार पाठक की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
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गाजियाबाद के जिला जज और वकीलों के बीच उपजे विवाद के चलते वकील न्यायिक कार्य से विरत हैं। इस कारण किरायेदारी के विवाद में अपील के वैकल्पिक उपचार के बावजूद याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याची के अधिवक्ता अतुल पांडेय ने दलील दी कि आठ नवंबर के आदेश से सक्षम प्राधिकारी ने मकान मालिक के पक्ष में मकान खाली करने का आदेश दिया है।
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गाजियाबाद के वकील हड़ताल पर हैं। वैकल्पिक उपचार प्राप्त होने के बावजूद अपील दाखिल नहीं हो पा रही है। लिहाजा, याची को मजबूरन हाईकोर्ट आना पड़ा है। कोर्ट ने वादी को दो हफ्ते में अधिकरण के समक्ष अपील दाखिल करने व पीठासीन अधिकारी को एक हफ्ते में अपील संग दाखिल स्थगन अर्जी को निस्तारित करने का आदेश दिया है। संवाद
आज से काम पर लौटेंगे वकील
गाजियाबाद बार एसोसिएशन ने बुधवार को हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी। एसोसिएशन का कहना है कि इसका निर्णय जिला जज अनिल कुमार से वार्ता के बाद लिया गया है। जिला जज ने वकीलों के खिलाफ दर्ज कराए गए सभी केस वापस लेने का आश्वासन दिया है। इसके बाद तय किया गया कि 29 अक्तूबर से हड़ताल पर चल रहे वकील बृहस्पतिवार से न्यायिक कार्य करेंगे।
एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने वीडियो जारी कर बताया कि दोपहर तीन बजे जिला जज से वकीलों के 22 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल से वार्ता की। इस दौरान अन्य न्यायिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
एसोसिएशन के सचिव अमित नेहरा ने बताया कि न्यायिक अधिकारियों की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया है कि 29 अक्तूबर की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि हड़ताल की वजह से वकीलों और वादकारियों किसी भी पत्रावली की सुनवाई की तारीख के बारे में जानकारी नहीं है। इसके देखते हुए न्यायिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि 12 और 13 दिसंबर को किसी भी पत्रावली पर प्रतिकूल प्रविष्टि नहीं दर्ज नहीं की जाएगी।