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Allahabad High Court : पलटा फैसला निचली अदालत का फैसला- हाईकोर्ट ने दुराचार के आरोपी को दी दस वर्ष की सजा
Sat, 03 Sep 2022 04:24 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 03 Sep 2022 04:24 PM IST
सार
कोर्ट ने आरोपी की जमानत को भी खारिज कर दिया। कहा, आरोपी एक सप्ताह में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्म समर्पण करे। कोर्ट ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से आदेश का पालन कराने को कहा है।
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allahabad high court
- फोटो : social media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्रूखाबाद के कन्नौज थाने में 34 वर्ष पूर्व दुराचार के आरोप में दर्ज प्राथमिकी में निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए आरोपी धर्मू उर्फ धर्मा सिंह को दोषी पाया है। कोर्ट ने आरोपी को 10 वर्ष का कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने जुर्माने की रकम में 20 हजार रुपये पीड़िता को देने को कहा है।
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कोर्ट ने आरोपी की जमानत को भी खारिज कर दिया। कहा, आरोपी एक सप्ताह में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्म समर्पण करे। कोर्ट ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से आदेश का पालन कराने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार और न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दाखिल याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।
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मामले में आरोपी धर्मू उर्फ धर्मा सिंह पर आरोप है कि उसने 10 वर्ष की मासूम बच्ची के साथ रेप किया। बच्ची अपने घर से बाहर गई थी। मौके का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में कन्नौज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। सत्र न्यायालय ने सुनवाई करते हुए आरोपी को बरी कर दिया था।
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उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निचली अदालत के फैसले केखिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। सरकार की ओर से अधिवक्ता विकास गिरि गोस्वामी ने बहस की। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट, तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए सत्र न्यायालय केफैसले को एकतरफा माना और उसे पलटते हुए आरोपी को 10 वर्ष के कारावास सहित 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।