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इलाहाबाद हाईकोर्ट :  वादसूची की देरी से कोई प्रतिकूल आदेश नहीं हुआ पारित, वेबसाइट पर नहीं अपलोड हो सकी सूची

Wed, 03 Jan 2024 12:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 03 Jan 2024 12:20 PM IST
सार

अधिवक्ता दिलीप पांडेय ने कहा कि 22 दिसंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट एसोसिएशन की आम सभा में यह प्रस्ताव पारित किया गया था कि वादसूची जारी करने की पुरानी व्यवस्था बहाल की जाएगी, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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Allahabad High Court: No adverse order passed due to delay in cause list, list could not be uploaded on the we
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : Amar ujala

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ठंड की छुट्टी के बाद मंगलवार को खुल गया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता कोर्ट पहुंचे। इस दौरान सोमवार को वादसूची देर से वेबसाइट पर अपलोड होने के चलते अधिवक्ता अपने मुकदमों की तैयारी नहीं कर पाए। इसे देखते हुए हाईकोर्ट ने मंगलवार को (नो एडवर्स) कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया।

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अधिवक्ता संतोष कुमार (पूर्व संयुक्त सचिव प्रशासन) ने बताया कि वाद सूची एनआईसी के जरिए अब 12 घंटे पहले जारी होती है। ऐसे में कभी-कभी सर्वर में दिक्कत होने पर वाद सूची वेबसाइट पर देर से अपलोड होती है। इससे वादकारियों को मुकदमों की जानकारी नहीं मिल पाती है, जिससे वह परेशान होते हैं।
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अधिवक्ता दिलीप पांडेय ने कहा कि 22 दिसंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट एसोसिएशन की आम सभा में यह प्रस्ताव पारित किया गया था कि वादसूची जारी करने की पुरानी व्यवस्था बहाल की जाएगी, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं अधिवक्ता उग्रसेन कुमार ने कहा कि जारी वाद सूची में एडवोकेट रोल डालने पर किन्हीं कारणों से सर्च नहीं हो पा रहा है। वाद लिस्ट भी डाउनलोड नहीं हो पा रही है।
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हाईकोर्ट व डेन की ओर से भेजे जा रहे मैसेज और ईमेल भी नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं को अपना मुकदमा खोजना मुश्किल हो रहा है। इस दौरान अधिवक्ताओं ने वादसूची समय से जारी करने और वेबसाइट की तकनीकी गड़बड़ी को ठीक करने की मांग की। वहीं, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह का कहा कि कि बुधवार को ऐसी ही स्थिति बने रहने की संभावना है। इस वजह से हाईकोर्ट प्रशासन से बुधवार को भी नो एडवर्स आदेश पास करने का आग्रह किया गया है।

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