इलाहाबाद हाईकोर्ट : रोक के बावजूद बुलडोजर चलाने पर कोर्ट ने यमुना एक्सप्रेस वे के अफसरों को लगाई फटकार
मामले में हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रथम दृष्टया विपक्षी अधिकारियों के खिलाफ अवमानना का केस बनता है। उन्होंने 14 जुलाई 2021 को पारित आदेश की अवहेलना की है। कोर्ट ने अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाए।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर झाझर स्थित एयरो सिटी रेजिडेंसी पर रोक के बावजूद बुलडोजर चलाने वाले अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया है। यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अरुणवीर सिंह, विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र सिंह, एसडीएम राकेश कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक विकास कुमार, उपमहाप्रबंधक राजेंद्र कुमार भाटी, तहसीलदार विनय भदौरिया को अवमानना नोटिस जारी करके आदेश का पालन करने या कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने ऋषि गोयल की अवमानना याचिका पर दिया है। याचिका की सुनवाई 16 अगस्त को होगी।
मामले में हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रथम दृष्टया विपक्षी अधिकारियों के खिलाफ अवमानना का केस बनता है। उन्होंने 14 जुलाई 2021 को पारित आदेश की अवहेलना की है। कोर्ट ने अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाए। कहा कि आदेश के अनुपालन की दशा में हाजिर नहीं होना होगा। अनुपालन हलफनामा दाखिल करना होगा।
याची का कहना है कि प्राधिकरण के ध्वस्तीकरण नोटिस को हाईकोर्ट ने रद्द करके कहा था कि अपील की पोषणीयता पर विचार कर निर्णय ले। प्राधिकरण ने अपील पोषणीय मानी और 29 मार्च को ध्वस्तीकरण कार्यवाही कर दी। हाईकोर्ट ने नोटिस रद्द कर दिया है तो बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए ध्वस्तीकरण कार्रवाई न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है।