फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Allahabad High Court: Contempt notice to CEO of Yamuna Expressway Industrial Development Authority

इलाहाबाद हाईकोर्ट : रोक के बावजूद बुलडोजर चलाने पर कोर्ट ने यमुना एक्सप्रेस वे के अफसरों को लगाई फटकार

Wed, 13 Apr 2022 10:42 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 13 Apr 2022 10:42 PM IST
सार

मामले में हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रथम दृष्टया विपक्षी अधिकारियों के खिलाफ  अवमानना का केस बनता है। उन्होंने 14 जुलाई 2021 को पारित आदेश की अवहेलना की है। कोर्ट ने अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनके खिलाफ  अवमानना की कार्यवाही की जाए।

विज्ञापन
Allahabad High Court: Contempt notice to CEO of Yamuna Expressway Industrial Development Authority
कोर्ट

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर झाझर स्थित एयरो सिटी रेजिडेंसी पर रोक के बावजूद बुलडोजर चलाने वाले अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया है। यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अरुणवीर सिंह, विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र सिंह, एसडीएम राकेश कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक विकास कुमार, उपमहाप्रबंधक राजेंद्र कुमार भाटी, तहसीलदार विनय भदौरिया को अवमानना नोटिस जारी करके आदेश का पालन करने या कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने ऋषि गोयल की अवमानना याचिका पर दिया है। याचिका की सुनवाई 16 अगस्त को होगी।

विज्ञापन



मामले में हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रथम दृष्टया विपक्षी अधिकारियों के खिलाफ  अवमानना का केस बनता है। उन्होंने 14 जुलाई 2021 को पारित आदेश की अवहेलना की है। कोर्ट ने अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाए। कहा कि आदेश के अनुपालन की दशा में हाजिर नहीं होना होगा। अनुपालन हलफनामा दाखिल करना होगा।
विज्ञापन



याची का कहना है कि प्राधिकरण के ध्वस्तीकरण नोटिस को हाईकोर्ट ने रद्द करके कहा था कि अपील की पोषणीयता पर विचार कर निर्णय ले। प्राधिकरण ने अपील पोषणीय मानी और 29 मार्च को ध्वस्तीकरण कार्यवाही कर दी। हाईकोर्ट ने नोटिस रद्द कर दिया है तो बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए ध्वस्तीकरण कार्रवाई न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed