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Allahabad High Court : टैटू की वजह से मेडिकली अनफिट करार दिए गए अभ्यर्थियों को दो महीने में नियुक्ति के आदेश
Wed, 24 Aug 2022 10:28 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 24 Aug 2022 10:28 PM IST
सार
मामले में याची व दो अन्य अभ्यर्थियों को सशस्त्र सीमा बल हेड कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में हाथ में धार्मिक टैटू बने होने की वजह से मेडिकल परीक्षा से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने इसके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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allahabad high court
- फोटो : social media
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टैटू की वजह से मेडिकली अनफिट करार दिए गए अभ्यर्थियों को दो महीने में नियुक्ति देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर आदेश का अनुपालन नहीं होता तो याची फिर से कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। याची इसके लिए स्वतंत्र होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने अवनीश कुमार व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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मामले में याची व दो अन्य अभ्यर्थियों को सशस्त्र सीमा बल हेड कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में हाथ में धार्मिक टैटू बने होने की वजह से मेडिकल परीक्षा से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने इसके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने मामले में याचियों को टैटू हटवा कर दोबारा मेडिकल कराने का आदेश दिया था।
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टैटू हटाने के बाद याचियों का मेडिकल कराया गया, जिसमें वह फिट पाए गए। इसके बाद याचियों ने 21 जुलाई 2022 को ट्रेनिग पर भेजने के लिए प्रत्यावेदन दिया लेकिन सशस्त्र सीमा बल ने इस पर कोई कार्यवाही नहीं की। इसके बाद याचियों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की।
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याचियों का पक्ष अधिवक्ता बिनोद कुमार मिश्रा ने रखा और कोर्ट को बताया कि उक्त भर्ती में सारे अभ्यर्थी 16 अगस्त से ट्रेनिग पर जा रहे है लेकिन अभी तक याचियों को ट्रेनिग के लिए कोई सूचना नहीं दी गई है। इस पर कोर्ट ने दो महीने का समय देते हुए आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया।