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69 हज़ार सहायक अध्यापक भर्ती मामले में गलत प्रश्नों पर हाइकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
Sat, 30 May 2020 04:38 PM IST
विनोद सिंह
news desk amar ujala, prayagraj
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Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 30 May 2020 04:38 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परिषदीय विद्यालयों में 69 हज़ार सहायक अध्यपको की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में प्रश्नों के गलत उत्तर जारी करने के मामले में प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने सरकार को 6 जुलाई तक इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इससे पूर्व हाई कोर्ट ने उत्तर कुँजी पर आई आपत्तियों के निस्तारण के लिए गठित एक्सपर्ट कमेटी की 18 जनवरी 2019 की रिपोर्ट तलब की थी। प्रदेश सरकार की और से पेश रिपोर्ट देखने के बाद कोर्ट ने सरकार को याचीगण द्वारा की गई आपत्तियों का जवाब दाखिल का निर्देश दिया है। रोहित शुक्ल, सुनीता और दर्ज़नों अन्य याचिकाओं पर न्यायमूर्ति प्रकाश पड़िया सुनवाई कर रहे हैं।
याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल तिवारी, राधाकांत ओझा, विभू राय आदि ने बहस की। याचीगण का कहना है कि परीक्षा में पूछे गए सवालो की प्राम्भिक उत्तर कुंजी को लेकर आपत्तियां दाखिल की गई थीं। कई सवालों के विकल्प गलत हैं, जबकि कई में दो विकल्प सही है। इन आपत्तियों का निस्तारण किए बिना ही 8 मई को फाइनल उत्तर कुंजी जारी कर दी गई और 12 मई 2020 को परिणाम घोषित कर दिया गया। याचिका में गलत उत्तरों को संशोधित कर नए सिरे से परिणाम घोषित करने की मांग की गई है।
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इससे पूर्व हाई कोर्ट ने उत्तर कुँजी पर आई आपत्तियों के निस्तारण के लिए गठित एक्सपर्ट कमेटी की 18 जनवरी 2019 की रिपोर्ट तलब की थी। प्रदेश सरकार की और से पेश रिपोर्ट देखने के बाद कोर्ट ने सरकार को याचीगण द्वारा की गई आपत्तियों का जवाब दाखिल का निर्देश दिया है। रोहित शुक्ल, सुनीता और दर्ज़नों अन्य याचिकाओं पर न्यायमूर्ति प्रकाश पड़िया सुनवाई कर रहे हैं।
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याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल तिवारी, राधाकांत ओझा, विभू राय आदि ने बहस की। याचीगण का कहना है कि परीक्षा में पूछे गए सवालो की प्राम्भिक उत्तर कुंजी को लेकर आपत्तियां दाखिल की गई थीं। कई सवालों के विकल्प गलत हैं, जबकि कई में दो विकल्प सही है। इन आपत्तियों का निस्तारण किए बिना ही 8 मई को फाइनल उत्तर कुंजी जारी कर दी गई और 12 मई 2020 को परिणाम घोषित कर दिया गया। याचिका में गलत उत्तरों को संशोधित कर नए सिरे से परिणाम घोषित करने की मांग की गई है।
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