मुख्तार अंसारी : विकास कांस्ट्रक्शन की सभी संपत्तियां होंगी अटैच, इडी ने शुरू की संपत्तियों की तलाश
मुख्तार के तीनों करीबियों से पूछताछ के बाद यह लगभग साफ है कि विकास कांस्ट्रक्शन के जरिये ही मुख्तार की अवैध कमाई से संपत्तियां बनाई गईं।
ऐसे में अब फर्म के नाम और इसके पार्टनरों के नाम पर बनाई गई संपत्तियां अटैच करने की तैयारी है।
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माफिया मुख्तार अंसारी पर दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में जुटी प्रवर्तन निदेशालय की टीम विकास कांस्ट्रक्शन की सभी संपत्तियों को जल्द ही अटैच कर सकती है। इसके साथ ही इसके गाजीपुर स्थित ऑफिस को भी सील किया जा सकता है। माफिया के विधायक बेटे अब्बास अंसारी, साले सरजील रजा उर्फ आतिफ व अन्य करीबियों से पूछताछ के बाद यह बात सामने आई है। जिन तीन करीबियों से पूछताछ हुई, वह विकास कांस्ट्रक्शन का पूरा काम देखते थे। यह मुख्तार के बेहद करीबी हैं। इनमें से कोई फर्म का पार्टनर नहीं है। लेकिन सारा काम उनकी ही देखरेख में होता है।
सूत्रों का कहना है कि मुख्तार के तीनों करीबियों से पूछताछ के बाद यह लगभग साफ है कि विकास कांस्ट्रक्शन के जरिये ही मुख्तार की अवैध कमाई से संपत्तियां बनाई गईं। ऐसे में अब फर्म के नाम और इसके पार्टनरों के नाम पर बनाई गई संपत्तियां अटैच करने की तैयारी है। गौरतलब है कि विकास कांस्ट्रक्शन के जरिये मिली रकम से मुख्तार की पत्नी अफ्शा अंसारी व अन्य के नाम पर संपत्तियां बनाई गईं। ऐसे में अब पता लगाया जा रहा है कि फर्म के नाम पर कुल कितनी और कहां-कहां संपत्तियां बनाई गईं। चिह्नित करने के बाद इन संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई की जाएगी।
छह संपत्तियों पर हो चुकी है कार्रवाई
बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विकास कांस्ट्रक्शन की छह संपत्तियों पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी है। पिछले महीने ईडी ने जालौन स्थित इन संपत्तियों को अस्थायी तौर पर अटैच किया था। इन संपत्तियों का बैनामा तत्कालीन सर्किल रेट से भी कम मूल्य पर कराया गया था। इसके अलावा विकास कांस्ट्रक्शन के जरिये मिली रकम से ही मुख्तार की पत्नी अफ्शा अंसारी के नाम पर गाजीपुर में एक संपत्ति खरीदी गई थी।
जबरन कंपनी हड़पने में भी हो सकती है कार्रवाई
यह भी कहा जा रहा है कि मुख्तार पर जबरन कंपनी हड़पने के मामले में भी कार्रवाई हो सकती है। दरअसल ईडी ने विकास कांस्ट्रक्शन के पूर्व मालिकों मंसूर आलम, वैश खान और मदीना खातून को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। दरअसल उनका आरोप है कि विकास कांस्ट्रक्श्न उनकी कंपनी है। दबंगई के बल पर मुख्तार के साले सरजील ने कंपनी के ऑफिस पर कब्जा कर लिया। इसके बाद कंपनी की अधिकांश हिस्सेदारी अफ्शा अंसारी के नाम करा दी गई और उन्हें बाहर निकाल दिया गया। जानकारों का कहना है कि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो मुख्तार व उसके करीबियों पर जबरन कंपनी हड़पने में भी कार्रवाई हो सकती है।