जीआईसी : पुरा छात्रों ने ढाई दशक बाद स्कूल की दीवारों पर तलाशे नाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में आयोजित 1996 बैच के छात्रों के सिल्वर जुबली सम्मेलन में शामिल होने के लिए कोई अमेरिका से तो कोई दिल्ली और मुंबई से पहुंचा। ढाई दशक बाद स्कूल पहुंचे तो भागकर सबसे पहले अपनी क्लास देखी। तमाम पुरा छात्र स्कूल के दिनों में दीवार और सीट पर लिखा अपना नाम भी खोजते नजर आए। तभी एक छात्र ने अचानक स्कूल की बेल बजा दी। सब प्रार्थना स्थल पर पहुंचे तो वहां शिक्षकों को देखकर पहले की तरह ठिठक गए। आगे बढ़कर उनका आशीर्वाद लिया और प्रार्थना के लिए कतार में लग गए।
शिक्षकों को शॉल, स्मृति चिह्न, किताबें देकर सम्मानित किया गया। स्कूल को पंखे भेंट किए गए। उन शिक्षकों को भी याद किया गया, जो अब जीवित नहीं हैं। मुख्य अतिथि एडीजे कौशाम्बी संजय मिश्र ने कहा कि वह इसी स्कूल से पढ़े हैं और आज लग रहा है कि मानो अतीत की कोई खिड़की खुल गई। कार्यक्रम में जीआईसी के प्रधानाचार्य वीपी सिंह भी मौजूद रहे। सरदार बल्लभ भाई पटेल सभागार में आयोजित कार्यक्रम का संचालन आशीष रत्न मिश्र एवं प्रवीण पांडेय और संयोजन आशुतोष मिश्र, विकास कुशवाहा, डॉ. यतीश्वर मिश्रा, रुद्र प्रताप ओझा, कपिल श्रीवास्तव, परवेज सिद्दीकी आदि ने किया।
पुरा छात्रों ने खेला क्रिकेट मैच
पुरा छात्रों ने क्रिकेट मैच का भी लुत्फ उठाया और रवींद्र नाथ टैगोर उद्यान में स्कूली दिनों में गेंद तड़ी के खेल को भी याद किया गया। स्कूल में फोटो सेशन, खेल के दौरान लड़ाई-झगड़े और साइकिल स्टैंड में होने वाली गुफ्तगू को भी दिया गया।