हाईकोर्ट ने कहा : अधियाचन के बाद प्रधानाचार्य के खाली पद को बोर्ड या आयोग से भर सकते हैं, स्थानांतरण से नहीं
एटा के याची राजीव कुमार 2019 से स्वर्गीय गया प्रसाद वर्मा स्मारक कृषक इंटर कॉलेज में कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत थे। वहीं, याची हरिशरण 2015 से सर्वोदय इंटर कॉलेज, नजीरपुर में कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत थे।
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हाईकोर्ट ने कहा है कि उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को प्रधानाचार्य के खाली पद को भरने के लिए अधियाचन भेजने के बाद उसे स्थानांतरण से नहीं, बोर्ड या आयोग से ही भर सकते हैं। कोर्ट ने यह आदेश स्थानांतरण आदेशों को चुनौती देने वाली दो रिट याचिकाओं पर दिया है।
एटा के याची राजीव कुमार 2019 से स्वर्गीय गया प्रसाद वर्मा स्मारक कृषक इंटर कॉलेज में कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत थे। वहीं, याची हरिशरण 2015 से सर्वोदय इंटर कॉलेज, नजीरपुर में कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत थे। दोनों मामलों में रिक्तियों को 2019 में यूपी बोर्ड को अधिसूचित किया गया था। इसके बाद भी याचियों के संस्थान में स्थानांतरण से प्रधानाचार्य के पद को भरा गया, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
याचियों की दलील थी कि उनके संस्थान में प्रधानाचार्य पद की भर्ती के लिए बोर्ड को अधिसूचित किया जा चुका था। ऐसे में स्थानांतरण के माध्यम से पदों को नहीं भरा जा सकता। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने प्रशांत कुमार कटियार बनाम यूपी राज्य में पूर्ण पीठ और हरि पाल सिंह बनाम यूपी राज्य में डिवीजन बेंच के फैसलों का हवाला दिया। कहा कि एक बार नियमानुसार बोर्ड को अधियाचन भेज दी जाती है, तो प्रिंसिपल का पद स्थानांतरण से नहीं भरा जा सकता है। न्यायालय ने दोनों मामलों में 28 जून, 2024 के स्थानांतरण आदेश को रद्द कर दिया।