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कलेक्ट्रेट के सामने वकील पर फायरिंग के बाद बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sat, 03 Jan 2015 11:27 PM IST
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बूंदाबांदी के बीच शनिवार को मौसम सर्द बना हुआ था लेकिन कलेक्ट्रेट दिन में अचानक धधक उठा। जिला अधिवक्ता संघ के कार्यकारिणी सदस्य अनिल कुमार शुक्ला उर्फ ‘अन्नू’ पर फायरिंग के बाद वकील भड़क उठे। नाराज लोगों ने गोली चलाने के आरोपी प्रापर्टी डीलर गंजिया नैनी के जीशान को धुनने के बाद पुलिस के सामने ही उसकी इंडिगो मांजा कार में आग लगा दी। विवाद पार्किंग को लेकर हुआ था। खबर पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसका गनर ध्रुव पासी और दो साथी भागने में सफल रहे। गिरफ्तारी के बाद भी वकीलों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने चक्काजाम कर दिया और जब तक कार जलकर पूरी तरह बर्बाद नहीं हो गई, फायर ब्रिगेड की गाड़ी को भी मौके तक नहीं पहुंचने दिया।
विवाद की शुरुआत दिन में 11 बजे के आसपास चौरासी खंभा के सामने हुई थी। चौरासी खंभा के बगल में वकील गोविंदपुर महावीरपुरी के अनिल कुमार शुक्ला की सीट है। उसी के सामने एक काले रंग की इंडिगो मांजा कार खड़ी थी। वकील का कहना है कि कार को हटाने को कहा गया लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। कार में बंदूकधारी ध्रुव पासी बैठा हुआ था। उसके फोन करने के करीब आधे घंटे बाद कार का मालिक जीशान दो अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचा। उनसे भी कार को हटाने को कहा गया तो सभी वकीलों से उलझ गए। अनिल के जूनियर पंकज त्रिपाठी और सहयोगी विजय सिंह भी मौके पर पहुंचे तो कार सवार चारों लोगों ने गालीगलौज शुरू कर दिया। बाद में देख लेने की धमकी देते हुए कार लेकर चारों कलेक्ट्रेट के सामने दूसरी पटरी पर चले गए। अनिल के मुताबिक वह अपने सहयोगियों के साथ दोपहर 12 बजे पैदल ही कचहरी की ओर जाने लगे तो रास्ते में कार सवार चारों युवक आ गए। जीशान ने मारपीट के बाद पिस्टल निकालकर उनके ऊपर फायर कर दिया। उन्होंने झुककर जान बचाई। उसने दूसरी बार भी फायर की कोशिश की लेकिन पिस्टल जाम हो गई। इसी बीच मौके पर भीड़ जुट गई और फायरिंग करने वाले को दबोच लिया। जीशान को पीट-पीटककर लहूलुहान कर दिया गया। उसका गनर ध्रुव बंदूक छोड़कर भाग गया। गुस्साए वकीलों ने उसकी बंदूक को तोड़ दिया। जीशान के दो साथी भी मौका पाकर भाग गए। एक के पास राइफल थी। आरोप है कि कार सवारों ने उनकी चेन छीन ली और हाथापाई में उनके हाथ में चोट भी आई। इसके बाद लोगों ने तोड़फोड़ के बाद कार को पलट दिया और आग लगा दी। पौन घंटे तक कार सुलगती रही। वकीलों के विरोध के चलते फायर ब्रिगेड की गाड़ी को भी पौन घंटे तक रोके रखा गया।
बवाल की खबर पाकर एसपी सिटी राजेश यादव कई थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। जीशान को गिरफ्तार करने के बाद वकील अनिल कुमार का मेडिकल करवाया गया। जीशान, ध्रुव तथा दो अज्ञात के खिलाफ छिनैती और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसी के बाद माहौल शांत हुआ।
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विवाद की शुरुआत दिन में 11 बजे के आसपास चौरासी खंभा के सामने हुई थी। चौरासी खंभा के बगल में वकील गोविंदपुर महावीरपुरी के अनिल कुमार शुक्ला की सीट है। उसी के सामने एक काले रंग की इंडिगो मांजा कार खड़ी थी। वकील का कहना है कि कार को हटाने को कहा गया लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। कार में बंदूकधारी ध्रुव पासी बैठा हुआ था। उसके फोन करने के करीब आधे घंटे बाद कार का मालिक जीशान दो अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचा। उनसे भी कार को हटाने को कहा गया तो सभी वकीलों से उलझ गए। अनिल के जूनियर पंकज त्रिपाठी और सहयोगी विजय सिंह भी मौके पर पहुंचे तो कार सवार चारों लोगों ने गालीगलौज शुरू कर दिया। बाद में देख लेने की धमकी देते हुए कार लेकर चारों कलेक्ट्रेट के सामने दूसरी पटरी पर चले गए। अनिल के मुताबिक वह अपने सहयोगियों के साथ दोपहर 12 बजे पैदल ही कचहरी की ओर जाने लगे तो रास्ते में कार सवार चारों युवक आ गए। जीशान ने मारपीट के बाद पिस्टल निकालकर उनके ऊपर फायर कर दिया। उन्होंने झुककर जान बचाई। उसने दूसरी बार भी फायर की कोशिश की लेकिन पिस्टल जाम हो गई। इसी बीच मौके पर भीड़ जुट गई और फायरिंग करने वाले को दबोच लिया। जीशान को पीट-पीटककर लहूलुहान कर दिया गया। उसका गनर ध्रुव बंदूक छोड़कर भाग गया। गुस्साए वकीलों ने उसकी बंदूक को तोड़ दिया। जीशान के दो साथी भी मौका पाकर भाग गए। एक के पास राइफल थी। आरोप है कि कार सवारों ने उनकी चेन छीन ली और हाथापाई में उनके हाथ में चोट भी आई। इसके बाद लोगों ने तोड़फोड़ के बाद कार को पलट दिया और आग लगा दी। पौन घंटे तक कार सुलगती रही। वकीलों के विरोध के चलते फायर ब्रिगेड की गाड़ी को भी पौन घंटे तक रोके रखा गया।
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बवाल की खबर पाकर एसपी सिटी राजेश यादव कई थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। जीशान को गिरफ्तार करने के बाद वकील अनिल कुमार का मेडिकल करवाया गया। जीशान, ध्रुव तथा दो अज्ञात के खिलाफ छिनैती और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसी के बाद माहौल शांत हुआ।
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