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अफगानी छात्रों से मारपीट की रिपोर्ट पर ही प्रश्नचिह्न
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 20 Mar 2016 01:58 AM IST
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स्टूडेंट्स का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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भारतीय और अफगानी छात्रों के बीच मारपीट की घटना को दबाने की जिद्दोजहद में मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के अफसर खुद ही उलझकर रह गए हैं। इसे लेकर बढ़ते विवादों के बीच जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थिति यह है कि निदेशक प्रोफेसर पी.चक्रवर्ती और चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आरपी तिवारी की ओर से अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
चीफ प्रॉक्टर का दावा है कि उन्होंने घटना के दिन ही पूछताछ कर ली थी और मामले का पटाक्षेप हो गया था। इसके बावजूद निदेशक के निर्देश पर सभी पक्षों से दोबारा पूछताछ की गई, जिससे विवाद गहरा गया है। हालांकि चीफ प्रॉक्टर की ओर से फाइनल रिपोर्ट सोमवार को सौंपी जाएगी लेकिन दोनों अफसरों की प्रारंभिक जांच में जो बातें आ रही हैं उनमें काफी विरोधाभास है। ऐसे में एक ही घटना की दो स्तर पर जांच से पूरी प्रक्रिया तथा संस्थान प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़ा हो गया है। चीफ प्रॉक्टर ने निदेशक की ओर से तैयार रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने से भी मना कर दिया है।
संस्थान के वार्षिक समारोह कलरव के अभ्यास के दौरान 16 मार्च को अफगानी छात्रों ने छात्राओं पर कमेंट कर दिया था। इसका विरोध करने पर वरिष्ठ भारतीय छात्रों के साथ उनकी मारपीट हुई थी। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आरपी तिवारी का कहना है कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से घटना के दिन, 16 मार्च की रात में ही छात्रों से पूछताछ की गई थी। उसी दिन छात्रों ने माफी मांग ली थी और मामला शांत हो गया था। उसी दिन प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बैठक भी बुलाई गई थी। इसके विपरीत शहर से बाहर गए निदेशक ने लौटने के बाद चीफ प्रॉक्टर से रिपोर्ट मांगी, लेकिन निर्धारित समय पर उन्हें रिपोर्ट नहीं मिली।
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आरोपी छात्रों के माफी मांगे जाने के दावों के बीच दूसरे संस्थान के अफगानी छात्र भी एमएनएनआईटी पहुंच गए। इससे तनाव और बढ़ गया। हालांकि उन्हें गेट पर रोक लिया गया था। इन घटनाक्रमों के बीच निदेशक के स्तर पर भी अफसरों और छात्रों से पूछताछ की गई। आरोपी छात्रों ने उनसे लिखित में माफी मांगी और दोबारा ऐसी हरकत न करने का आश्वासन दिया।
इसे लेकर निदेशक और चीफ प्रॉक्टर के बीच काफी विवाद हुआ। निदेशक ने शुक्रवार को अपने कक्ष से चीफ प्रॉक्टर को बाहर भी निकाल दिया था। चीफ प्रॉक्टर प्रो. तिवारी का कहना है कि निदेशक अपने अनुसार रिपोर्ट तैयार करवाना चाहते थे। उन्होंने निदेशक की ओर से की गई पूछताछ के आधार पर तैयार रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है। चीफ प्रॉक्टर का कहना है कि वह प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सभी सदस्यों का हस्ताक्षर कराके सोमवार को फाइनल रिपोर्ट सौंपेंगे। इन विवादों तथा विरोधाभाषी बयानों के बीच पूरी जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़ा हो गया है।
एमएनएनआईटी में भारतीय और अफगानी छात्रों के बीच मारपीट तथा निदेशक एवं चीफ प्रॉक्टर के बीच का विवाद तूल पकड़ने लगा है। इसकी शिकायत संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) के चेयरमैन से की जाएगी। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आरपी तिवारी ने निदेशक पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत वह बीओजी के चेयरमैन से करेंगे। उनका कहना है कि शनिवार और रविवार को संस्थान में अवकाश रहता है। इसलिए सोमवार को संस्थान प्रशासन के माध्यम से वह चेयरमैन को पूरी रिपोर्ट भेजेंगे। उनका कहना है कि एक रिपोर्ट सीधे भी भेजेंगे।
एमएनएनआईटी के चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आरपी तिवारी ने निदेशक की ओर से भेजी गई एडवाइजरी पर आपत्ति जताई है। निदेशक प्रोफेसर पी.चक्रवर्ती ने चीफ प्रॉक्टर को एडवाइजरी भेजकर छात्रों के बीच मारपीट की घटना को गंभीरता से न लेने की बात कही है। उन्होंने कई अन्य बिंदुओं पर आपत्ति जताते जरूरी कदम उठाने की बात भी कही है। निदेशक ने यह भी लिखा है कि ऐसी घटनाओं की उन्हें तत्काल जानकारी दी जानी चाहिए। इसके विपरीत चीफ प्रॉक्टर ने इस एडवाइजरी के औचित्य पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि संस्थान के ऑर्डिनेंस में चीफ प्रॉक्टर नाम का कोई पद नहीं है। ऐेसे में छात्र-छात्राओं से संबंधित किसी मामले में डीएसडब्ल्यू को एडवाइजरी भेजी जा सकती है। हालांकि प्रोफेसर आरपी तिवारी के पास चीफ प्रॉक्टर के साथ डीएसडब्ल्यू की भी जिम्मेदारी है, लेकिन उनका कहना है कि एडवाइजरी चीफ प्रॉक्टर के नाम से भेजी गई है, जो गलत है।
भारतीय और अफगानी छात्रों के बीच मारपीट की जिस घटना को लेकर पूरा एमएनएनआईटी प्रशासन कटघरे में खड़ा है, रजिस्ट्रार की नजर में वह बेहद मामूली घटना थी। उनके मुताबिक छात्रों के बीच मामूली तकरार हुई थी, जिसे बेवजह तूल दिया जा रहा है। गौर करने वाली बात यह भी है कि इस घटना को लेकर निदेशक और चीफ प्रॉक्टर ही आमने-सामने आ गए हैं। वहीं इन विवादों के बीच पीआरओ प्रोफेसर शिवेश शर्मा भी छुट्टी पर चले गए हैं।
सीएमपी डिग्री कालेज के छात्राें ने एमएनएनआईटी प्रशासन पर भारतीय विद्यार्थियों के खिलाफ पक्षपात का आरोप लगाते हुए शनिवार को प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के दबाव में संस्थान प्रशासन भारतीय छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है%E
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चीफ प्रॉक्टर का दावा है कि उन्होंने घटना के दिन ही पूछताछ कर ली थी और मामले का पटाक्षेप हो गया था। इसके बावजूद निदेशक के निर्देश पर सभी पक्षों से दोबारा पूछताछ की गई, जिससे विवाद गहरा गया है। हालांकि चीफ प्रॉक्टर की ओर से फाइनल रिपोर्ट सोमवार को सौंपी जाएगी लेकिन दोनों अफसरों की प्रारंभिक जांच में जो बातें आ रही हैं उनमें काफी विरोधाभास है। ऐसे में एक ही घटना की दो स्तर पर जांच से पूरी प्रक्रिया तथा संस्थान प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़ा हो गया है। चीफ प्रॉक्टर ने निदेशक की ओर से तैयार रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने से भी मना कर दिया है।
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संस्थान के वार्षिक समारोह कलरव के अभ्यास के दौरान 16 मार्च को अफगानी छात्रों ने छात्राओं पर कमेंट कर दिया था। इसका विरोध करने पर वरिष्ठ भारतीय छात्रों के साथ उनकी मारपीट हुई थी। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आरपी तिवारी का कहना है कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से घटना के दिन, 16 मार्च की रात में ही छात्रों से पूछताछ की गई थी। उसी दिन छात्रों ने माफी मांग ली थी और मामला शांत हो गया था। उसी दिन प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बैठक भी बुलाई गई थी। इसके विपरीत शहर से बाहर गए निदेशक ने लौटने के बाद चीफ प्रॉक्टर से रिपोर्ट मांगी, लेकिन निर्धारित समय पर उन्हें रिपोर्ट नहीं मिली।
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आरोपी छात्रों के माफी मांगे जाने के दावों के बीच दूसरे संस्थान के अफगानी छात्र भी एमएनएनआईटी पहुंच गए। इससे तनाव और बढ़ गया। हालांकि उन्हें गेट पर रोक लिया गया था। इन घटनाक्रमों के बीच निदेशक के स्तर पर भी अफसरों और छात्रों से पूछताछ की गई। आरोपी छात्रों ने उनसे लिखित में माफी मांगी और दोबारा ऐसी हरकत न करने का आश्वासन दिया।
इसे लेकर निदेशक और चीफ प्रॉक्टर के बीच काफी विवाद हुआ। निदेशक ने शुक्रवार को अपने कक्ष से चीफ प्रॉक्टर को बाहर भी निकाल दिया था। चीफ प्रॉक्टर प्रो. तिवारी का कहना है कि निदेशक अपने अनुसार रिपोर्ट तैयार करवाना चाहते थे। उन्होंने निदेशक की ओर से की गई पूछताछ के आधार पर तैयार रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है। चीफ प्रॉक्टर का कहना है कि वह प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सभी सदस्यों का हस्ताक्षर कराके सोमवार को फाइनल रिपोर्ट सौंपेंगे। इन विवादों तथा विरोधाभाषी बयानों के बीच पूरी जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़ा हो गया है।
एमएनएनआईटी में भारतीय और अफगानी छात्रों के बीच मारपीट तथा निदेशक एवं चीफ प्रॉक्टर के बीच का विवाद तूल पकड़ने लगा है। इसकी शिकायत संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) के चेयरमैन से की जाएगी। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आरपी तिवारी ने निदेशक पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत वह बीओजी के चेयरमैन से करेंगे। उनका कहना है कि शनिवार और रविवार को संस्थान में अवकाश रहता है। इसलिए सोमवार को संस्थान प्रशासन के माध्यम से वह चेयरमैन को पूरी रिपोर्ट भेजेंगे। उनका कहना है कि एक रिपोर्ट सीधे भी भेजेंगे।
एमएनएनआईटी के चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आरपी तिवारी ने निदेशक की ओर से भेजी गई एडवाइजरी पर आपत्ति जताई है। निदेशक प्रोफेसर पी.चक्रवर्ती ने चीफ प्रॉक्टर को एडवाइजरी भेजकर छात्रों के बीच मारपीट की घटना को गंभीरता से न लेने की बात कही है। उन्होंने कई अन्य बिंदुओं पर आपत्ति जताते जरूरी कदम उठाने की बात भी कही है। निदेशक ने यह भी लिखा है कि ऐसी घटनाओं की उन्हें तत्काल जानकारी दी जानी चाहिए। इसके विपरीत चीफ प्रॉक्टर ने इस एडवाइजरी के औचित्य पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि संस्थान के ऑर्डिनेंस में चीफ प्रॉक्टर नाम का कोई पद नहीं है। ऐेसे में छात्र-छात्राओं से संबंधित किसी मामले में डीएसडब्ल्यू को एडवाइजरी भेजी जा सकती है। हालांकि प्रोफेसर आरपी तिवारी के पास चीफ प्रॉक्टर के साथ डीएसडब्ल्यू की भी जिम्मेदारी है, लेकिन उनका कहना है कि एडवाइजरी चीफ प्रॉक्टर के नाम से भेजी गई है, जो गलत है।
भारतीय और अफगानी छात्रों के बीच मारपीट की जिस घटना को लेकर पूरा एमएनएनआईटी प्रशासन कटघरे में खड़ा है, रजिस्ट्रार की नजर में वह बेहद मामूली घटना थी। उनके मुताबिक छात्रों के बीच मामूली तकरार हुई थी, जिसे बेवजह तूल दिया जा रहा है। गौर करने वाली बात यह भी है कि इस घटना को लेकर निदेशक और चीफ प्रॉक्टर ही आमने-सामने आ गए हैं। वहीं इन विवादों के बीच पीआरओ प्रोफेसर शिवेश शर्मा भी छुट्टी पर चले गए हैं।
सीएमपी डिग्री कालेज के छात्राें ने एमएनएनआईटी प्रशासन पर भारतीय विद्यार्थियों के खिलाफ पक्षपात का आरोप लगाते हुए शनिवार को प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के दबाव में संस्थान प्रशासन भारतीय छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है%E