Court : नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप से अधिवक्ता पिता-पुत्र दोषमुक्त, पॉक्सो के तहत दर्ज हुआ था केस
15 मई 2022 को दारागंज थाने में एक महिला ने नाबालिग बेटी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाकर विनोद शंकर त्रिपाठी व विजय त्रिपाठी पर मुकदमा दर्ज कराया था। कोर्ट के समक्ष हुए बयान में नाबालिग ने अपने साथ ऐसी कोई घटना न होने संबंधी बयान दिया था।
विस्तार
दारागंज में दो साल पहले नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में कोर्ट ने पुलिस की ओर से लगाई गई अंतिम आख्या स्वीकार कर ली है। कोर्ट में वादिनी के उपस्थित नहीं होने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने अंतिम आख्या स्वीकार करने के साथ ही पत्रावली नियमानुसार दाखिल दफ्तर करने का भी आदेश दिया।
15 मई 2022 को दारागंज थाने में एक महिला ने नाबालिग बेटी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाकर विनोद शंकर त्रिपाठी व विजय त्रिपाठी पर मुकदमा दर्ज कराया था। कोर्ट के समक्ष हुए बयान में नाबालिग ने अपने साथ ऐसी कोई घटना न होने संबंधी बयान दिया था। मोबाइल की लोकेशन निकालने पर पुलिस ने पाया था कि घटना के समय आरोपियों की घटनास्थल पर मौजूदगी नहीं पाई गई।
इसी आधार पर 29 जुलाई 2022 को पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। अंतिम आख्या मिलने के बाद वादिनी मुकदमा को नोटिस दिया गया। हालांकि, तामीला के बाद भी वह उपस्थित नहीं हुई। कोर्ट ने पाया कि नोटिस तामीला के उपरांत भी वादिनी के उपस्थित न होने से ऐसा प्रतीत होता है कि वह मुकदमा प्रस्तुत अंतिम आख्या से संतुष्ट है। मुकदमे को आगे नहीं चलाना चाहती है। इसी आधार पर कोर्ट ने अंतिम आख्या स्वीकार कर ली।