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एडवोकेट कमिश्नर पहुंचे इंदिरा भवन, चारों तरफ दिखा सन्नाटा
Sat, 14 Aug 2021 08:21 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 14 Aug 2021 08:21 PM IST
सार
- हाईकोर्ट के आदेश पर गए थे जांच करने, मौके पर मौजूद रहे पीडीए अधिकारी
- याचिकाकर्ता का आरोप, जांच के दौरान पुलिस के सहारे उन्हें मौके से हटाने की हुई कोशिश
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prayagraj news: सिविल लाइंस में स्थित इंदिरा भवन।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
सिविल लाइंस स्थित इंदिरा भवन में शनिवार को अतिक्रमण का निरीक्षण करने पहुंचे एडवोकेट कमिश्नरों को सन्नाटा मिला। अपर बेसमेंट से लेकर प्रथम तल पर मौजूद अधिकतर दुकानें बंद रहीं। दुकानों के बाहर टेबल, कुर्सी लगाकर काम करने वाले भी गायब नजर आए। दोनों एडवोकेट कमिश्नर रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट को सौंपेंगे। उधर, याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि उन पर जांच के दौरान पुलिस बल के सहारे मौके से हटाने की कोशिश की गई।
कोर्ट द्वारा नियुक्ति किए गए एडवोकेट कमिश्नर आकांक्षा मिश्रा और विवेक कुमार सुबह साढ़े ग्यारह बजे इंदिरा भवन पहुंचे। लेकिन, उस समय वहां अधिकतर दुकाने बंद रहीं। जबकि, शासन की ओर से शनिवार को भी लॉकडाउन समाप्त कर दिया गया है। इसके बावजूद भी इंदिरा भवन के अपर बेसमेंट से लेकर प्रथम तल तक चलने वाली व्यावसायिक गतिविधियों पर सन्नाटा पसरा रहा। उन दुकानों के सामने लगाकर मोबाइल या लैपटॉप बनाने वाले, इलेक्ट्रानिक सामानों की एसेसरीज बेचने वाले भी नदारद रहे। दोनों कमिश्नरों ने एडीए अधिकारियों के साथ याचिकाकर्ता से भी पूछताछ की और जरूरी कागजात मांगे।
याचिकाकर्ता मो. इरशाद ने कहा कि कमिश्नरों की जांच के दौरान उन्हें वहां से हटाया जा रहा था। लेकिन, उन्होंने हटने से मना कर दिया। याचिकाकर्ता ने कहा कि मामले में हाईकोर्ट ने उन्हें उपस्थित रहने को कहा है। इसके बावजूद भी पुलिस के द्वारा उन्हें कमिश्नरों की जांच के दौरान हटाने की कोशिश की गई। कहा जा रहा है कि मामले में हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद शुक्रवार की रात से ही वहां कुछ अवैध अतिक्रमण हटा दिया गया। जांच के दौरान एडीए के अधिवक्ता एपी पॉल, एडीए अधिकारी शिवानी सिंह आदि मौजूद रहीं।
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कोर्ट द्वारा नियुक्ति किए गए एडवोकेट कमिश्नर आकांक्षा मिश्रा और विवेक कुमार सुबह साढ़े ग्यारह बजे इंदिरा भवन पहुंचे। लेकिन, उस समय वहां अधिकतर दुकाने बंद रहीं। जबकि, शासन की ओर से शनिवार को भी लॉकडाउन समाप्त कर दिया गया है। इसके बावजूद भी इंदिरा भवन के अपर बेसमेंट से लेकर प्रथम तल तक चलने वाली व्यावसायिक गतिविधियों पर सन्नाटा पसरा रहा। उन दुकानों के सामने लगाकर मोबाइल या लैपटॉप बनाने वाले, इलेक्ट्रानिक सामानों की एसेसरीज बेचने वाले भी नदारद रहे। दोनों कमिश्नरों ने एडीए अधिकारियों के साथ याचिकाकर्ता से भी पूछताछ की और जरूरी कागजात मांगे।
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याचिकाकर्ता मो. इरशाद ने कहा कि कमिश्नरों की जांच के दौरान उन्हें वहां से हटाया जा रहा था। लेकिन, उन्होंने हटने से मना कर दिया। याचिकाकर्ता ने कहा कि मामले में हाईकोर्ट ने उन्हें उपस्थित रहने को कहा है। इसके बावजूद भी पुलिस के द्वारा उन्हें कमिश्नरों की जांच के दौरान हटाने की कोशिश की गई। कहा जा रहा है कि मामले में हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद शुक्रवार की रात से ही वहां कुछ अवैध अतिक्रमण हटा दिया गया। जांच के दौरान एडीए के अधिवक्ता एपी पॉल, एडीए अधिकारी शिवानी सिंह आदि मौजूद रहीं।
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