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शुआट्स के दो प्रोफेसरों की अग्रिम जमानत मंजूर, करोड़ों के घोटाले में लिप्त होने का है आरोप
Fri, 28 May 2021 08:22 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 28 May 2021 08:22 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नैनी स्थित सैम हिंगनबॉटम कृषि विश्वविद्यालय (शुआट्स) में करोड़ों रुपये का घोटाला करने के आरोपी प्रोफेसरों सुनील बिहारी लाल व प्रोफेसर अजय कुमार एलिशन लारेन्स की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने कहा है कि पुलिस रिपोर्ट पर कोर्ट के संज्ञान लेने तक गिरफ्तारी के समय 50 हजार के मुचलके पर अग्रिम जमानत पर शर्तों के साथ रिहा कर दिया जाए। इनका कहना था कि कोरोना संक्रमण के कारण समर्पण कर जमानत अर्जी दाखिल करना सुरक्षित नहीं है। दोनों नामजद आरोपी 2018 से जमानत पर हैं। अग्रिम जमानत अर्जी पर यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने दिया है।
कोर्ट ने कहा कि आपराधिक मामले में गिरफ्तारी की समय सीमा तय नहीं है। जरूरी होने पर पुलिस कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। किन्तु मनमानी गिरफ्तारी मानवाधिकार का हनन है। कोर्ट ने राष्ट्रीय पुलिस कमीशन रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें गिरफ्तारी को भ्रष्टाचार का कारक माना गया है।
इस समय कोरोना फैला है। इसलिए केस की मेरिट पर विचार न करते हुए याची सीमित समय के लिए अग्रिम जमानत पाने का हकदार है।
दोनों प्रोफेसर शुआट्स में हुए एक्सिस बैंक घोटाले के आरोपी हैं। सिविल लाइंस थाना प्रयागराज में एक्सिस बैक कर्मी कमाल एहसान व शुआट्स के लेखाधिकारी के खिलाफ कपट व षड़यंत्र कर करोड़ों रुपये हड़पने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। दर्जनों लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। विवेचना के दौरान याचियों का नाम अपराध में शामिल किया गया। 23 करोड़ से अधिक का शुआट्स के खाते से घोटाला किया गया।
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कोर्ट ने कहा कि आपराधिक मामले में गिरफ्तारी की समय सीमा तय नहीं है। जरूरी होने पर पुलिस कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। किन्तु मनमानी गिरफ्तारी मानवाधिकार का हनन है। कोर्ट ने राष्ट्रीय पुलिस कमीशन रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें गिरफ्तारी को भ्रष्टाचार का कारक माना गया है।
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इस समय कोरोना फैला है। इसलिए केस की मेरिट पर विचार न करते हुए याची सीमित समय के लिए अग्रिम जमानत पाने का हकदार है।
दोनों प्रोफेसर शुआट्स में हुए एक्सिस बैंक घोटाले के आरोपी हैं। सिविल लाइंस थाना प्रयागराज में एक्सिस बैक कर्मी कमाल एहसान व शुआट्स के लेखाधिकारी के खिलाफ कपट व षड़यंत्र कर करोड़ों रुपये हड़पने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। दर्जनों लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। विवेचना के दौरान याचियों का नाम अपराध में शामिल किया गया। 23 करोड़ से अधिक का शुआट्स के खाते से घोटाला किया गया।
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