फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Adolescent woman has the right to live with husband on her choice and conditions: High Court

बालिग महिला को अपनी पसंद व शर्तों पर पति के साथ रहने का अधिकार : हाईकोर्ट

Mon, 28 Dec 2020 10:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 28 Dec 2020 10:06 PM IST
सार

  • हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ दर्ज अपहरण की एफआईआर निरस्त करने का दिया आदेश

विज्ञापन
Adolescent woman has the right to live with husband on her choice and conditions: High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि बालिग महिला को अपनी पसंद व शर्तों पर पति के साथ बिना किसी बाधा के जीने का अधिकार है। कोर्ट ने पति-पत्नी की सुरक्षा करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ अपहरण के आरोप में दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। 27 सितंबर 20 को एटा कोतवाली देहात पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। कोर्ट ने सीजेएम एटा व बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के रवैये पर तीखी टिप्पणी की है और कहा कि इनके कार्य से कानूनी उपबंधों को समझने की इनकी क्षमता की कमी दिखाई दी ।

विज्ञापन

Adolescent woman has the right to live with husband on her choice and conditions: High Court
Allahabad High Court

कोर्ट ने कहा है कि किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 95से  स्पष्ट है कि यदि स्कूल का जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध है तो अन्य साक्ष्य द्वितीय माने जाएंगे। स्कूल प्रमाणपत्र में याची की जन्मतिथि 4 अक्तूबर 99 दर्ज है। वह बालिग है। इसके बावजूद सीजेएम एटा ने कानूनी उपबंधों के विपरीत याची की अभिरक्षा उसके माता-पिता को सौंप दी। कोर्ट ने कहा कि याची बालिग है। वह अपनी मर्जी से जहां चाहे जा सकती है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज नकवी तथा न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की खंडपीठ ने शिखा व अन्य की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

Adolescent woman has the right to live with husband on her choice and conditions: High Court
हाईकोर्ट - फोटो : file photo
एटा की शिखा ने सलमान उर्फ करन से अंतर धार्मिक विवाह किया। लड़की के परिवार वालों ने अपहरण के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने लड़की को कोर्ट में पेश किया। सीजेएम एटा ने पहले याची को बाल कल्याण समिति भेज दिया था। उसकी रिपोर्ट के बाद  मजिस्ट्रेट ने उसके माता-पिता को सुपुर्द कर दिया। याची के पति सलमान उर्फ करन ने इस अवैध निरूद्धि से मुक्ति दिलाने के लिए यह याचिका दायर की। कोर्ट ने मजिस्ट्रेट के आदेश को कानून के विपरीत करार दिया और कोर्ट में पेश याची ने कहा कि वह बालिग है। उसने सलमान से शादी की है और अपने पति के साथ रहना चाहती है। जिस पर कोर्ट ने यह आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed