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Prayagraj News: सनबीम स्कूल की भूमि पर प्रशासनिक कार्रवाई रद्द, संचालन में हस्तक्षेप पर रोक
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के लहरतारा स्थित सनबीम स्कूल की भूमि को लेकर 2012 में जिला प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई को रद्द कर दिया है। साथ ही प्रशासन को स्कूल के संचालन में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप करने पर भी रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि सुनवाई का अवसर दिए बिना की गई कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकलपीठ ने स्कूल की ओर से दायर याचिका पर दिया।
मामला वाराणसी के लहरतारा स्थित भूमि से जुड़ा है। 1988 को अपर आयुक्त (प्रशासन), वाराणसी मंडल ने धीराजी देवी को भूमि का पूर्ण स्वामी और कब्जेदार घोषित किया। इसी निर्णय के आधार पर धीराजी देवी का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया गया।
धीराजी देवी ने इसके बाद उक्त भूमि सनबीम स्कूल को पंजीकृत लीज डीड के माध्यम से दी। वाराणसी विकास प्राधिकरण ने स्कूल भवन का नक्शा स्वीकृत कर निर्माण की अनुमति प्रदान की। इसके बाद भवन का निर्माण हुआ और शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होने लगीं।
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वर्ष 2012 में जिला प्रशासन ने यह कहते हुए कार्रवाई शुरू की कि भूमि तालाब की है। भूमि से याची का नाम हटाकर उसे राज्य के नाम दर्ज करने की कार्रवाई की गई। प्रशासन के आदेश के खिलाफ याची ने हाईकोर्ट में अपील की थी।
कोर्ट ने कहा कि 1988 का स्वामित्व संबंधी निर्णय आज भी प्रभावी है और उसे किसी सक्षम न्यायालय ने निरस्त नहीं किया है। ऐसी स्थिति में उसके अनुपालन में की गई राजस्व प्रविष्टियों को प्रशासनिक आदेश से समाप्त करना अधिकार क्षेत्र से बाहर की कार्रवाई है। कोर्ट ने राज्य प्रशासन को सनबीम स्कूल के संचालन में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने से रोक दिया।
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मामला वाराणसी के लहरतारा स्थित भूमि से जुड़ा है। 1988 को अपर आयुक्त (प्रशासन), वाराणसी मंडल ने धीराजी देवी को भूमि का पूर्ण स्वामी और कब्जेदार घोषित किया। इसी निर्णय के आधार पर धीराजी देवी का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया गया।
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धीराजी देवी ने इसके बाद उक्त भूमि सनबीम स्कूल को पंजीकृत लीज डीड के माध्यम से दी। वाराणसी विकास प्राधिकरण ने स्कूल भवन का नक्शा स्वीकृत कर निर्माण की अनुमति प्रदान की। इसके बाद भवन का निर्माण हुआ और शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होने लगीं।
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वर्ष 2012 में जिला प्रशासन ने यह कहते हुए कार्रवाई शुरू की कि भूमि तालाब की है। भूमि से याची का नाम हटाकर उसे राज्य के नाम दर्ज करने की कार्रवाई की गई। प्रशासन के आदेश के खिलाफ याची ने हाईकोर्ट में अपील की थी।
कोर्ट ने कहा कि 1988 का स्वामित्व संबंधी निर्णय आज भी प्रभावी है और उसे किसी सक्षम न्यायालय ने निरस्त नहीं किया है। ऐसी स्थिति में उसके अनुपालन में की गई राजस्व प्रविष्टियों को प्रशासनिक आदेश से समाप्त करना अधिकार क्षेत्र से बाहर की कार्रवाई है। कोर्ट ने राज्य प्रशासन को सनबीम स्कूल के संचालन में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने से रोक दिया।