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रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया गायों का झुंड, कई गायों की मौत
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Adi cows herd on railway track, many cows killed
- फोटो : NAINI
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रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया
गायों का झुंड, कई की मौत
- मामले को दबाने में जुटा प्रशासन, एडीएम को जानकारी नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बावजूद गोवंश संरक्षण को लेकर अफसर संजीदा नहीं दिख रहे। इसका नतीजा यह हुआ कि उरुवा (मांडा) के मोनई गांव स्थित गोशाला में दलदल में फंसने तथा ट्रेन से कटकर डेढ़ दर्जन से भी अधिक गायों की मौत हो गई। गायों को रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया गया था, जिसके बाद वे ट्रेन की चपेट में आ गईं। घटना सामने आने पर प्रशासन पूरे मामले को दबाने में जुट गया। इतनी गायों की मौत की खबर रात तक एडीएम प्रशासन को नहीं थी।
उरुवा ब्लाक के मोनई गांव स्थित गोशाला में 146 गायें थीं। लगातार बारिश के बाद गोशाला में दलदल बन गया। इसमें फंसने से शुक्रवार को गायों की मौत होने लगी। ग्रामीणों के अनुसार प्रधान ने इसकी सूचना अफसरों को दी, जिसके बाद गायों को आनन-फानन में मांडा खास स्थित मां काली आदर्श गोशाला ले जाने का निर्णय लिया गया। दोनों गोशालाओं के बीच की दूरी करीब 300 मीटर है। इसके बाद गायों का झुंड रेलवे ट्रैक पार करने के लिए छोड़ दिया गया लेकिन उसी दौरान ट्रेन आ गई तथा गायें इधर-उधर भागने लगीं। इस दौरान कई गायों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। चूंकि गायें इधर-उधर भटक रहीं थीं। ऐसे में शनिवार को भी ट्रेन की चपेट में आकर कई गायों की मौत हो गई तथा दोनाें गोशालाओं के बीच डेढ़ दर्जन मृत गायें पड़ी थीं। इस बीच शनिवार देर रात स्थानीय प्रशासन मृत पड़ी गायों को दफनाने में जुटा रहा।
‘मोनाई गांव के गोवंश को शिफ्ट किया गया है, लेकिन इस दौरान किसी गाय की मौत की सूचना नहीं है। कान में टैग लगे होने का यह अर्थ नहीं है कि गायें गोशाला की ही थीं। इस बारे में एसडीएम तथा बीडीओ ज्यादा बता पाएंगे।’
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अरविंद सिंह, सीडीओ
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गायों का झुंड, कई की मौत
- मामले को दबाने में जुटा प्रशासन, एडीएम को जानकारी नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बावजूद गोवंश संरक्षण को लेकर अफसर संजीदा नहीं दिख रहे। इसका नतीजा यह हुआ कि उरुवा (मांडा) के मोनई गांव स्थित गोशाला में दलदल में फंसने तथा ट्रेन से कटकर डेढ़ दर्जन से भी अधिक गायों की मौत हो गई। गायों को रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया गया था, जिसके बाद वे ट्रेन की चपेट में आ गईं। घटना सामने आने पर प्रशासन पूरे मामले को दबाने में जुट गया। इतनी गायों की मौत की खबर रात तक एडीएम प्रशासन को नहीं थी।
उरुवा ब्लाक के मोनई गांव स्थित गोशाला में 146 गायें थीं। लगातार बारिश के बाद गोशाला में दलदल बन गया। इसमें फंसने से शुक्रवार को गायों की मौत होने लगी। ग्रामीणों के अनुसार प्रधान ने इसकी सूचना अफसरों को दी, जिसके बाद गायों को आनन-फानन में मांडा खास स्थित मां काली आदर्श गोशाला ले जाने का निर्णय लिया गया। दोनों गोशालाओं के बीच की दूरी करीब 300 मीटर है। इसके बाद गायों का झुंड रेलवे ट्रैक पार करने के लिए छोड़ दिया गया लेकिन उसी दौरान ट्रेन आ गई तथा गायें इधर-उधर भागने लगीं। इस दौरान कई गायों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। चूंकि गायें इधर-उधर भटक रहीं थीं। ऐसे में शनिवार को भी ट्रेन की चपेट में आकर कई गायों की मौत हो गई तथा दोनाें गोशालाओं के बीच डेढ़ दर्जन मृत गायें पड़ी थीं। इस बीच शनिवार देर रात स्थानीय प्रशासन मृत पड़ी गायों को दफनाने में जुटा रहा।
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‘मोनाई गांव के गोवंश को शिफ्ट किया गया है, लेकिन इस दौरान किसी गाय की मौत की सूचना नहीं है। कान में टैग लगे होने का यह अर्थ नहीं है कि गायें गोशाला की ही थीं। इस बारे में एसडीएम तथा बीडीओ ज्यादा बता पाएंगे।’
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अरविंद सिंह, सीडीओ