यूपी रोडवेज : वर्दी न पहनने वाले चालक एवं परिचालकों पर होगी कार्रवाई, परिवहन मंत्री की सख्ती के बाद एक्शन में अधिकारी
सोमवार 11 मार्च को प्रयागराज-वाराणसी मार्ग के औराई में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने प्रयागराज रीजन की एक अनुबंधित बस का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बस में चालक एवं परिचालक के वर्दी में न होने से उन्होंने नाराजगी जताई थी।
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यूपी रोडवेज की बसों में बिना वर्दी पहनने वाले चालक एवं परिचालकों के खिलाफ अब कार्रवाई होगी। रोडवेज के अफसर ही इसकी निगरानी करेंगे। इस दौरान चालक और परिचालक अगर बिना वर्दी के पाए गए तो उनसे 50 रुपये का जुर्माना लिया जाएगा। दोबारा बिना वर्दी के पाए जाने पर 250 और तीसरी बार भी ऐसा होने पर उनसे 500 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
दरअसल सोमवार 11 मार्च को प्रयागराज-वाराणसी मार्ग के औराई में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने प्रयागराज रीजन की एक अनुबंधित बस का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बस में चालक एवं परिचालक के वर्दी में न होने से उन्होंने नाराजगी जताई थी। परिवहन मंत्री द्वारा नाराजगी जताए जाने के बाद रोडवेज प्रशासन भी अब एक्शन में आ गया है।
तीसरी बार देना होगा पांच सौ रुपये जुर्माना
प्रयागराज रीजन ने चालक परिचालक के साथ ही कार्यशाला में काम करने वाले कर्मचारियों से भी वर्दी पहनने को कहा है। इसके अलावा फील्ड एवं कार्यालय में कार्य करने वाले विभिन्न संवर्ग एवं प्रवर्तन कार्मिकों के लिए भी ड्रेस अनिवार्य कर दी गई है। क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन के अनुसार कार्यशाला कार्मिक अगर वर्दी में नहीं है उनसे पहली बार 30, दूसरी बार 100 और तीसरी बार 250 रुपये, प्रवर्तन कार्मिकों को पहली बार 150, दूसरी बार 300 और तीसरी बार 500 रुपये का जुर्माना देना होगा।
इसके अलावा फील्ड एवं कार्यालय में कार्य करने वाले विभिन्न संवर्ग के कर्मचारियों को अपने नाम की एक पट्टिका लगानी होगी। इसकी साइज एक गुणे तीन इंच की होनी चाहिए। सत्यापन के दौरान पहली बार पट्टिका न मिलने पर 100 रुपये, दूसरी बार में 200 और तीसरी बार में जुर्माने की राशि 300 रुपये कर दी जाएगी।