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खाक चौक के अध्यक्ष महामंडलेश्वर सीताराम दास बर्खास्त, अनुशासनहीनता और मनमानी के आरोप पर कार्रवाई
Sat, 13 Feb 2021 10:49 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 13 Feb 2021 10:49 PM IST
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magh mela
- फोटो : demo pic
संगम की रेती पर बसे माघ मेले की बड़ी आध्यात्मिक संस्था खाक चौक व्यवस्था समिति शनिवार को दो फाड़ होने के कगार पर पहुंच गई। खाक चौक के अध्यक्ष महामंडलेश्वर सीताराम दास महात्यागी को शनिवार की सुबह अनुशासनहीनता, मनमानी और उदासीनता बरतने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया। इसी के साथ अयोध्या के रसिक पीठाधीश्वर महंत जनमेजय शरण को कार्यकारी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई। जबकि, देर शाम अध्यक्ष पद से बर्खास्त किए गए सीताराम दास ने बैठक कर कार्रवाई को एक तरफा और द्वेषपूर्ण बताया। उन्होंने इस तरह का कदम उठाने वाले पदाधिकारियों के निष्कासन की चेतावनी भी दी है।
लोअर संगम मार्ग पर स्थित अयोध्या के शिविर में सुबह नौ बजे हुई आपात बैठक में पदाधिकारियों ने खाक चौक व्यवस्था समिति के अध्यक्ष महंत सीताराम दास पर कई गंभीर आरोप लगाए। पदाधिकारियों का कहना था कि वह समिति के निर्णयों के बाद भी प्रस्तावों पर हस्ताक्षर नहीं करते। इसके अलावा उन पर उदासीनता का भी आरोप लगाया गया। कहा गया कि उनकी ढिलाई से खाकचौक के काम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। साथ ही पदाधिकारियों के साथ उनका व्यवहार भी अच्छा नहीं है।
कुछ संतों ने अध्यक्ष पर बात-बात पर अपशब्द बोलने का भी गंभीर आरोप लगाया गया। संतों का कहना था कि खाक चौक प्रेम, एकता और सद्भावना का संदेश देने वाला संगठन है। इसमें ऐसे व्यक्ति को इतने अहम पद पर रखना उचित नहीं होगा। इस पर विचार-विमर्श के बाद अध्यक्ष पद से सीताराम दास को बर्खास्त कर दिया गया।
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हालांकि वह साधारण सभा केसदस्य बने रहेंगे। इसके साथ ही उपाध्यक्ष जन्मेजय शरण महाराज को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। रिक्त पदों पर माधव दास हिटलर बाबा और गोपाल दास का मनोनयन किया गया। इस दौरान खाक चौक के महामंत्री महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, महंत राम सुभग दास विनैका बाबा, महंत दामोदर दास, महंत अभिराम दास, महंत अवधेश दास समेत कई संत उपस्थित थे। 165 बीघे में बसे खाक चौक में 270 खालसे और 250 महामंडलेश्वर शामिल हैं।
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लोअर संगम मार्ग पर स्थित अयोध्या के शिविर में सुबह नौ बजे हुई आपात बैठक में पदाधिकारियों ने खाक चौक व्यवस्था समिति के अध्यक्ष महंत सीताराम दास पर कई गंभीर आरोप लगाए। पदाधिकारियों का कहना था कि वह समिति के निर्णयों के बाद भी प्रस्तावों पर हस्ताक्षर नहीं करते। इसके अलावा उन पर उदासीनता का भी आरोप लगाया गया। कहा गया कि उनकी ढिलाई से खाकचौक के काम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। साथ ही पदाधिकारियों के साथ उनका व्यवहार भी अच्छा नहीं है।
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कुछ संतों ने अध्यक्ष पर बात-बात पर अपशब्द बोलने का भी गंभीर आरोप लगाया गया। संतों का कहना था कि खाक चौक प्रेम, एकता और सद्भावना का संदेश देने वाला संगठन है। इसमें ऐसे व्यक्ति को इतने अहम पद पर रखना उचित नहीं होगा। इस पर विचार-विमर्श के बाद अध्यक्ष पद से सीताराम दास को बर्खास्त कर दिया गया।
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हालांकि वह साधारण सभा केसदस्य बने रहेंगे। इसके साथ ही उपाध्यक्ष जन्मेजय शरण महाराज को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। रिक्त पदों पर माधव दास हिटलर बाबा और गोपाल दास का मनोनयन किया गया। इस दौरान खाक चौक के महामंत्री महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, महंत राम सुभग दास विनैका बाबा, महंत दामोदर दास, महंत अभिराम दास, महंत अवधेश दास समेत कई संत उपस्थित थे। 165 बीघे में बसे खाक चौक में 270 खालसे और 250 महामंडलेश्वर शामिल हैं।