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Railway : रेलकर्मी की सतर्कता से बचा हादसा, बीच रास्ते टूटा एक्सल बॉक्स का कवर
Sat, 17 Sep 2022 12:26 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 17 Sep 2022 12:26 AM IST
सार
सुबह 9.45 बजे के आसपास जब ट्रेन मनौरी रेलवे स्टेशन से गुजरी तो वहां तैनात स्टेशन मास्टर चंदन सिंह ने देखा कि ट्रेन के एसी टू कोच का एक्सल बॉक्स का कवर टूटा हुआ है। स्टेशन मास्टर ने इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को दी।
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ट्रेन।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
नई दिल्ली से सिलचर जा रही सिलचर एक्सप्रेस शुक्रवार को एक रेलकर्मी की सतर्कता की वजह से हादसे का शिकार होने से बच गई। प्रयागराज के पहले मनौरी स्टेशन से ट्रेन गुजरने के दौरान वहां तैनात स्टेशन मास्टर ने एसी टू कोच के एक्सल बॉक्स के कवर को टूटा देखा तो उन्होेंने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद कोच को बदला गया।
सिलचर एक्सप्रेस का प्रयागराज पहुंचने का समय सुबह 7.50 बजे है। ट्रेन तकरीबन डेढ़ घंटे की देरी से चल रही थी।
सुबह 9.45 बजे के आसपास जब ट्रेन मनौरी रेलवे स्टेशन से गुजरी तो वहां तैनात स्टेशन मास्टर चंदन सिंह ने देखा कि ट्रेन के एसी टू कोच का एक्सल बॉक्स का कवर टूटा हुआ है। स्टेशन मास्टर ने इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद ट्रेन 9.58 बजे बमरौली स्टेशन की मुख्य लाइन पर रोक ली गई। गार्ड और ड्राइवर ने देखा कि इंजन से छठा कोच जो एसी टू श्रेणी का है उसका एक्सल टूटा हुआ है। तय हुआ कि ट्रेन धीमी गति से सूबेदारगंज लाई जाए।
उधर, 30 किमी की रफ्तार से ट्रेन सूबेदारगंज स्टेशन लाई गई। यहां रेलवे स्टाफ ने छानबीन के बाद एसी टू श्रेणी का कोच ट्रेन से अलग करने की सिफारिश की। बाद में 15 की रफ्तार से ट्रेन 12.23 बजे प्रयागराज जंक्शन आई। यहां एसी टू कोच अलग किया गया और उसके स्थान पर दूसरा कोच जोड़ा गया।
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यात्रियों को संतुष्ट करने के बाद ही ट्रेेन 1.44 बजे जंक्शन से पंडित दीन दयाल उपाध्याय की तरफ रवाना हुई। अफसरों ने कहा कि समय रहते गड़बड़ी पकड़ लिए जाने की वजह से संभावित हादसे को होने से बचा लिया गया। इस बारे में उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ डा. शिवम शर्मा ने कहा कि स्टेशन मास्टर की सतर्कता की वजह से उसे सम्मानित करने की सिफारिश की जाएगी।
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सिलचर एक्सप्रेस का प्रयागराज पहुंचने का समय सुबह 7.50 बजे है। ट्रेन तकरीबन डेढ़ घंटे की देरी से चल रही थी।
सुबह 9.45 बजे के आसपास जब ट्रेन मनौरी रेलवे स्टेशन से गुजरी तो वहां तैनात स्टेशन मास्टर चंदन सिंह ने देखा कि ट्रेन के एसी टू कोच का एक्सल बॉक्स का कवर टूटा हुआ है। स्टेशन मास्टर ने इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद ट्रेन 9.58 बजे बमरौली स्टेशन की मुख्य लाइन पर रोक ली गई। गार्ड और ड्राइवर ने देखा कि इंजन से छठा कोच जो एसी टू श्रेणी का है उसका एक्सल टूटा हुआ है। तय हुआ कि ट्रेन धीमी गति से सूबेदारगंज लाई जाए।
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उधर, 30 किमी की रफ्तार से ट्रेन सूबेदारगंज स्टेशन लाई गई। यहां रेलवे स्टाफ ने छानबीन के बाद एसी टू श्रेणी का कोच ट्रेन से अलग करने की सिफारिश की। बाद में 15 की रफ्तार से ट्रेन 12.23 बजे प्रयागराज जंक्शन आई। यहां एसी टू कोच अलग किया गया और उसके स्थान पर दूसरा कोच जोड़ा गया।
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यात्रियों को संतुष्ट करने के बाद ही ट्रेेन 1.44 बजे जंक्शन से पंडित दीन दयाल उपाध्याय की तरफ रवाना हुई। अफसरों ने कहा कि समय रहते गड़बड़ी पकड़ लिए जाने की वजह से संभावित हादसे को होने से बचा लिया गया। इस बारे में उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ डा. शिवम शर्मा ने कहा कि स्टेशन मास्टर की सतर्कता की वजह से उसे सम्मानित करने की सिफारिश की जाएगी।