फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   A flood of faith gathered to offer prayers to the setting sun.

Prayagraj News: अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने उमड़ा आस्था का सैलाब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Nov 2024 03:03 AM IST
विज्ञापन
A flood of faith gathered to offer prayers to the setting sun.
अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए बृहस्पतिवार को छठ घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार मुख्य घाटों पर 20 प्रतिशत तक श्रद्धालुओं के बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। देर शाम तक छठ घाटों पर... कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय सहित अन्य पारंपरिक गीत गूंजते रहे।
विज्ञापन

चार दिनी छठ महापर्व के तीसरे दिन सुबह से ही गंगा, यमुना के विभिन्न घाटों पर तैयारियां चलती रहीं। साफ-सफाई और सजावट के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए घाटों पर पंडाल सहित विशेष इंतजाम किए गए हैं। खास ताैर पर संगम तट और बलुआ घाट, गऊ घाट, दरस्सी घाट, किला घाट, नागवासुकी मंदिर घाट, आड़ा घाट सहित अन्य स्थलों पर छठी मईया के पूजन की व्यवस्था की गई है। घाटों पर दोपहर दो बजे के बाद ही अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। दूरदराज से लाखों की संख्या में छठ पूजा के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा और यमुना के तट पर घंटों खड़े होकर सूर्य देव की आराधना की। साथ ही डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद वापस लाैटे, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने संगम और बलुआ घाटों पर डेरा डाले रखा। सुबह उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिनी महापर्व का समापन होगा। पूर्वांचल छठ पूजा एवं विकास समिति के अध्यक्ष अजय राय का कहना है कि पिछले साल संगम घाट पर करीब चार लाख लोगों के आने का अनुमान लगाया गया था, जो इस बार बढ़कर पांच लाख से अधिक हो गया है। इससे पहले छठ के पारंपरिक गीतों से सभी घाट गूंज उठे। बलुआ घाट पर ...पहिले पहिल हम कईनी छठी मईया व्रत तोहार, करिहा क्षमा छठी मईया भूल-चूक गलती हमार...सहित अन्य गीत देर शाम तक गूंजते रहे। समिति की ओर से यशराज जागरण मंडल द्वारा भोजपुरी भजन संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें भक्तिमय प्रस्तुतियों पर देर रात तक श्रद्धालु छठी मईया के जयकारे लगाते रहे।
विज्ञापन


मांगी थी मन्नत, बेटा होने के बाद 20 साल से कर रही छठ व्रत
मान्यता है कि अधिकतर महिलाएं संतान की प्राप्ति या सुख समृदि्ध के लिए छठ का कठिन व्रत धारण करती हैं। इन्हीं में से एक हैं हिम्मतगंज निवासी सुनीता सिंह। उन्होंने बताया कि वह मूलरूप से बिहार में दरभंगा की रहने वाली हैं। शादी के बाद बेटे की मन्नत पूरी होने पर 20 साल पहले उन्होंने छठ व्रत शुरू किया था। इसके बाद से लगातार इसे करती आ रहीं हैं। वहीं मीरापुर की रहने वाली पिंकी पांडे को छठ व्रत की प्रेरणा अपनी मां से मिली है। शादी के बाद ससुराल में वह पिछले 10 साल से छठ व्रत कर रहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



दउरा सिर पर उठा छठी मईया के जयकारे लगाते अरैल घाट पहुंचे मंत्री नन्दी
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री एवं प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने पूर्व महापौर एवं पत्नी अभिलाषा गुप्ता नन्दी के साथ सपरिवार छठी मैया की पूजा की।

इससे पहले एक व्रती के पूजा का दउरा स्वयं सिर पर उठा छठी मईया के जयकारे लगाते हुए मंत्री नंदी अरैल घाट पहुंचे। यहां पूर्वांचल महासमिति द्वारा आयोजित छठ पूजन समारोह में शामिल हुए और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देते हुए नमन किया। उन्होंने व्रती महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि इस पर्व में कोई भेदभाव नहीं होता है। भगवान भाष्कर से हम सभी देश, दुनिया, राज्य, परिवार में अमन चैन और खुशहाली की कामना करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed